भारतीय संस्कृति में तुलसी के पौधे को अत्यंत पवित्र माना गया है। मान्यता है कि घर में तुलसी का वास होना शुभता, समृद्धि, स्वास्थ्य और सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है। शास्त्रों के अनुसार तुलसी में मां लक्ष्मी का निवास माना जाता है, इसलिए रोजाना इसकी पूजा करना अत्यंत शुभ फलदायी माना गया है। हालांकि, तुलसी पूजा के लिए कुछ विशेष नियम भी बताए गए हैं, जिनका पालन न करने पर न केवल पूजा का प्रभाव कम हो सकता है बल्कि जीवन में नकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल सकते हैं।
तुलसी के पास न रखें ये चीजें
ज्योतिषाचार्यों का मत है कि जहां तुलसी का पौधा रखा हो, उसके आसपास कोई भी अनावश्यक वस्तु नहीं रखनी चाहिए। विशेष रूप से, भगवान शिव की पूजा में प्रयोग होने वाले बिल्वपत्र, पारिजात या शिवार्चन सामग्री तुलसी के पास रखना या उसके सामने चढ़ाना बड़ा दोष माना गया है। पौराणिक ग्रंथों में वर्णित है कि भगवान शिव और तुलसी देवी के पति जालंधर के बीच शत्रुता रही थी, इसलिए तुलसी पर शिव पूजा की कोई सामग्री अर्पित करना निषेध माना जाता है।
दूध मिला जल: जो आप शुभ समझते हैं, वही करता है नुकसान
कई लोग मानते हैं कि तुलसी पर दूध मिला जल चढ़ाना शुभ होता है, लेकिन धर्म और विज्ञान दोनों ही इसे गलत ठहराते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार तुलसी की जड़ें दूध में मौजूद वसा को अवशोषित नहीं कर पातीं, जिसके कारण जड़ें सड़ने लगती हैं और पौधा धीरे-धीरे कमजोर हो जाता है। तुलसी का सूखना धार्मिक रूप से भी अशुभ संकेत माना गया है। ऐसा माना जाता है कि इससे घर में अस्थिरता, आर्थिक समस्याएं और कलह जैसी नकारात्मक स्थितियाँ बढ़ सकती हैं।
तुलसी पर क्या चढ़ाना है सही?
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, तुलसी को काले तिल, काले बीज या किसी भी काली वस्तु से दूर रखना चाहिए। काला रंग तामसिक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है और तुलसी का स्वभाव सौम्य और सात्विक है। इसलिए तुलसी पर हल्दी, केसर, जल, शहद और रोली जैसे शुभ पदार्थ ही चढ़ाने की सलाह दी जाती है।
तुलसी लाती है घर में सुख-शांति
मान्यता है कि घर में तुलसी का पौधा हरा-भरा रहे तो परिवार में शांति, सौभाग्य और स्वास्थ्य बना रहता है। तुलसी पूजा के इन नियमों का पालन करके न सिर्फ पौधे की रक्षा संभव है, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक लाभ भी प्राप्त किए जा सकते हैं।
सही नियम, सही पूजा—तभी मिलता है तुलसी का पूर्ण आशीर्वाद।