दुर्ग। जिला अस्पताल में एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण प्रसव को शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. विनिता ध्रुव ने सफलतापूर्वक पूरा किया। यह केस स्थानीय निवासी श्रद्धा साहू का था, जिन्हें 25 नवंबर को प्रसव पीड़ा बढ़ने पर अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों ने जांच में पाया कि गर्भ में जुड़वा शिशु हैं और दोनों की स्थिति एक-दूसरे से भिन्न दिशा में थी, जिससे डिलीवरी की जटिलता काफी बढ़ गई थी।
यह श्रद्धा साहू का पहला प्रसव था, इसलिए स्थिति और भी संवेदनशील मानी जा रही थी। ऐसे में पूरे अनुभव और धैर्य का परिचय देते हुए डॉ. विनिता ध्रुव ने ऑपरेशन कर प्रसव को सुरक्षित रूप से पूरा कराया। माँ और दोनों नवजात बेटियाँ पूरी तरह स्वस्थ बताई गई हैं।

अस्पताल स्टाफ का कहना है कि कठिन प्रसवों को सफलतापूर्वक संभालने की क्षमता के कारण डॉ. विनिता को लोग स्नेहपूर्वक “ट्विंस क्वीन” के नाम से जानते हैं।
वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो चुका है नाम
डॉ. विनिता ध्रुव ने पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उन्होंने ढाई साल में 100 से अधिक जुड़वां प्रसव कराए और इस उपलब्धि के लिए उनका नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अगस्त 2024 में दर्ज किया गया था।

सिर्फ इतना ही नहीं, पिछले 15 महीनों में उन्होंने 200 से अधिक जुड़वां बच्चों का सुरक्षित प्रसव करवाकर एक और बड़ा रिकॉर्ड बनाया है। अब तक वे 18 हजार से ज्यादा डिलीवरी करवा चुकी हैं, जिनमें से अधिकांश सामान्य प्रसव रही हैं।
इस उपलब्धि में सिविल सर्जन डॉ. आशीषण मिंज, डॉ. ममता पांडे, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. विभा साहू, लेबर रूम व ओटी स्टाफ का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।