नई दिल्ली। पाकिस्तान की मीडिया एक बार फिर अपने गैर-जिम्मेदाराना रवैये के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गई है। इस बार मामला रूस से जुड़ा है, जिसने खुलकर पाकिस्तान के एक अंग्रेजी अखबार द फ्रंटियर पोस्ट की आलोचना की है। रूसी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए अखबार पर “झूठी और पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग” का आरोप लगाया है।
रूसी दूतावास ने अपने पोस्ट में लिखा कि द फ्रंटियर पोस्ट में लगातार “रूस विरोधी” लेख प्रकाशित किए जा रहे हैं, जिनका मकसद रूस की छवि को नुकसान पहुंचाना है। दूतावास ने कहा, “यह अखबार खुद को पाकिस्तानी बताता है, लेकिन इसकी ग्लोबल न्यूज सर्विस का मुख्यालय वाशिंगटन में है, जहां अमेरिकी प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। इस मीडिया हाउस की नीति रूस विरोधी एजेंडे से प्रेरित लगती है।”
रूस ने यह भी कहा कि इस अखबार के अंतरराष्ट्रीय पन्नों पर रूस या राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से जुड़ी कोई भी सकारात्मक या निष्पक्ष खबर मिलना लगभग असंभव है। दूतावास ने सवाल उठाया कि क्या यह “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता” है या फिर “राजनीतिक दबाव में चलाया जा रहा मीडिया अभियान”?
इसके साथ ही रूस ने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि अखबार ने 7 अक्टूबर 2025 को मॉस्को में आयोजित फॉर्मेट कंसल्टेशन की खबर को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया, जबकि इस इवेंट को दुनिया भर के अन्य मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने प्रमुखता से कवर किया था।
रूसी दूतावास ने फ्रंटियर पोस्ट पर “तथ्यों से छेड़छाड़” का आरोप लगाते हुए कहा कि “यह मीडिया रूस को आर्थिक रूप से कमजोर और पतन के कगार पर दिखाने की कोशिश कर रहा है, जबकि सच्चाई इसके बिल्कुल उलट है।”
दूतावास ने अपने बयान में रूस की मजबूत अर्थव्यवस्था के आंकड़े भी साझा किए — “वर्ष 2024 में रूस की जीडीपी में 4.1% की वृद्धि दर्ज की गई, विनिर्माण क्षेत्र में यह वृद्धि 8.5% तक रही। बेरोजगारी दर सिर्फ 2.5% है, जबकि मुद्रास्फीति 6.5 से 7% के बीच नियंत्रित स्तर पर है।”
अंत में, रूसी दूतावास ने पाकिस्तान की जनता से अपील की कि वे “एकतरफा मीडिया रिपोर्टों पर भरोसा न करें” और किसी भी अंतरराष्ट्रीय मुद्दे पर अपनी राय बनाने से पहले विश्वसनीय और विविध स्रोतों से जानकारी प्राप्त करें।
संक्षेप में, पाकिस्तानी मीडिया और रूस के बीच यह टकराव एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि क्या पाकिस्तान का मीडिया स्वतंत्र है, या वह बाहरी प्रभावों के अधीन होकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की साख को नुकसान पहुंचा रहा है।