ब्रुसेल्स: पश्चिम एशिया में बढ़ते अस्थिर माहौल को देखते हुए कई यूरोपीय सरकारों ने अपने नागरिकों के लिए नई ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। खासतौर पर ईरान और उससे जुड़े क्षेत्रीय हालात को ध्यान में रखते हुए लोगों से वहां की यात्रा टालने और जो नागरिक पहले से मौजूद हैं, उन्हें सुरक्षित वापसी पर विचार करने को कहा गया है।
यूनाइटेड किंगडम की सरकार ने एहतियातन ईरान से अपने कुछ कर्मचारियों को अस्थायी रूप से वापस बुला लिया है। दूतावास फिलहाल सीमित स्तर पर और रिमोट माध्यम से काम करेगा। साथ ही ब्रिटिश नागरिकों को ईरान की यात्रा न करने की सख्त सलाह दी गई है।
फ्रांस ने भी अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी करते हुए इज़रायल, यरुशलम और वेस्ट बैंक की यात्रा से बचने को कहा है। फ्रांसीसी विदेश मंत्रालय ने संभावित क्षेत्रीय असर, उड़ानों में देरी या रद्द होने की आशंका और भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है।
इटली ने भी ईरान में मौजूद अपने नागरिकों, खासकर पर्यटकों, से जल्द से जल्द देश छोड़ने का आग्रह किया है। इसके साथ ही पूरे मिडिल ईस्ट में अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है। इराक और लेबनान की यात्रा से भी परहेज करने की हिदायत दी गई है।
जर्मनी ने अपनी ट्रैवल गाइडेंस को अपडेट करते हुए पूरे इज़रायल की यात्रा से बचने की सलाह दी है, जबकि पहले यह चेतावनी केवल कुछ क्षेत्रों तक सीमित थी। पोलैंड ने अपने नागरिकों से ईरान, इज़रायल और लेबनान तुरंत छोड़ने को कहा है और आगाह किया है कि एयरस्पेस बंद होने या उड़ानों में बड़े व्यवधान की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
नीदरलैंड ने भी इज़रायल और गाजा पट्टी के साथ-साथ लेबनान और मिस्र की सीमा से सटे इलाकों के लिए चेतावनी जारी की है। डच सरकार के मुताबिक मौजूदा हालात में सुरक्षा स्थिति अनिश्चित है और यात्रा करना जोखिम भरा हो सकता है।
पहले भी कई देशों ने इसी तरह की एडवाइजरी जारी की थी। फिनलैंड ने अपने नागरिकों को ईरान की सभी यात्राओं से बचने की सलाह दी थी और यमन व लीबिया को तुरंत छोड़ने को कहा था। सर्बिया और स्वीडन ने भी अपने नागरिकों को ईरान से निकलने की सलाह दी है।
तनावपूर्ण हालात के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य तैनाती बढ़ा दी है। दो एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप और बड़ी संख्या में लड़ाकू विमानों की तैनाती के साथ जॉर्डन और इज़रायल स्थित सैन्य ठिकानों को मजबूत किया गया है। एहतियात के तौर पर बेरूत में अमेरिकी दूतावास से गैर-जरूरी कर्मचारियों को वापस बुला लिया गया है।
विश्लेषकों का कहना है कि क्षेत्र में ड्रोन या मिसाइल हमलों की आशंका, एयरस्पेस बंद होने की संभावना और तेजी से बदलते हालात को देखते हुए यूरोपीय देशों ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ये कदम उठाए हैं। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आगे भी एडवाइजरी अपडेट की जा सकती है।