दुर्ग | पंडवानी की विश्व प्रसिद्ध लोकगायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. तीजन बाई को आज उनके गृहग्राम गनियारी से रायपुर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS Raipur) ले जाया गया, जहाँ उनका विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य में कमजोरी के चलते चिकित्सकों की एक विशेष टीम ने उनकी जांच की।
विशेषज्ञों की टीम ने किया परीक्षण
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार, एम्स रायपुर में मेडिसिन विशेषज्ञ, आहार विशेषज्ञ और न्यूरोलॉजी (स्नायु) विशेषज्ञों की एक संयुक्त टीम ने उनका परीक्षण किया। साथ ही उन्हें फिजियोथेरेपी उपचार भी दिया गया।

याददाश्त में कमी, नियमित देखभाल की सलाह
चिकित्सकों ने बताया कि वर्तमान में डॉ. तीजन बाई जी का स्वास्थ्य काफी कमजोर है। हालांकि, उनका रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) और शुगर का स्तर नियंत्रित है, लेकिन उनकी स्मरण शक्ति (याददाश्त) और लोगों को पहचानने की क्षमता में कमी आई है। शरीर में हो रही अकड़न को कम करने के लिए डॉक्टरों ने उन्हें नियमित रूप से फिजियोथेरेपी कराने की सलाह दी है।
जिला स्तर पर निगरानी
चिकित्सकों ने नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और फॉलोअप के लिए एम्स आने की सलाह दी है। इसके मद्देनजर, जिला स्तर पर एक मेडिकल टीम का गठन किया गया है, जो उनके स्वास्थ्य की नियमित निगरानी कर रही है। कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देशन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में गठित इस टीम में डॉ. शिखर अग्रवाल (प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, भिलाई-3), खुशबू वर्मा (स्टाफ नर्स), किरण कोरिया (EMT), और हिमांशु (वार्ड बॉय) शामिल हैं।
डॉ. तीजन बाई छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की एक अमूल्य धरोहर हैं, जिन्होंने पंडवानी कला को विश्व स्तर पर पहचान दिलाई है। प्रदेशभर के लोग उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना कर रहे हैं।