अंबिकापुर। बलरामपुर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शंकरगढ़ में 10 दिसंबर दोपहर 12:15 बजे किए गए आकस्मिक निरीक्षण में गंभीर अव्यवस्थाएँ सामने आईं। सरगुजा संभाग के संयुक्त संचालक (स्वास्थ्य) डॉ. अनिल कुमार शुक्ला ने अचानक पहुंचे इस निरीक्षण में साफ-सफाई की अत्यंत खराब स्थिति को सबसे बड़ी समस्या बताया और तुरंत सुधार कराने के निर्देश दिए। दौरे के दौरान कई अन्य प्रबंधन संबंधी खामियां भी उजागर हुईं, जिन पर अधिकारियों को कार्रवाई के लिए कहा गया।
अव्यवस्था की खुली पोल
वार्ड, ड्रेसिंग रूम और अन्य आवश्यक कक्षों में स्वच्छता व्यवस्था बेहद खराब पाई गई। ड्रेसिंग कक्ष न केवल अस्त-व्यस्त था, बल्कि साफ-सफाई की स्थिति भी मानकों से बहुत नीचे मिली। दवाइयों के रख-रखाव में भी गंभीर अनियमितताएँ मिलीं—कई दवा पैकेटों पर निर्माण और एक्सपायरी तिथि अंकित ही नहीं थी, जिसे अधिकारी ने गंभीर लापरवाही बताया।
लैब की स्थिति भी चिंताजनक थी। वहाँ उपयोग की गई निडिल और चिकित्सा सामग्री खुले में फेंकी हुई मिली। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों से जुड़े बैनर और पंपलेटों का अभाव पाया गया, जिससे मरीजों को योजनाओं की जानकारी नहीं मिल पा रही है।
एक्स-रे सेवा और आयुष्मान कार्ड में भी गड़बड़ी
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि एक्स-रे सुविधा समय पर उपलब्ध नहीं होती। साथ ही आयुष्मान कार्ड ब्लॉकिंग का प्रतिशत भी बेहद कम पाया गया, जिस पर अधिकारियों को तत्परता से काम बढ़ाने का निर्देश दिया गया।
वार्ड प्रबंधन में भ्रम की स्थिति
महिला वार्ड में पुरुष और पुरुष वार्ड में महिला मरीज भर्ती पाए गए, जिसे संयुक्त संचालक ने गंभीर अव्यवस्था बताया और तुरंत सुधार के निर्देश दिए। इंजेक्शन रूम में डस्टबिन तक नहीं मिला, जिस पर शासन के मानक अनुसार तत्काल व्यवस्था करने के आदेश दिए गए।
बिना सूचना 9 कर्मचारी अनुपस्थित
निरीक्षण के दौरान 9 डॉक्टर और नर्स बिना अनुमति अनुपस्थित पाए गए। इसके अलावा आपातकालीन ड्यूटी रोस्टर भी अद्यतन नहीं था। प्रकाश व्यवस्था भी खराब मिली—सोलर लाइट और जनरेटर दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए।
कुछ कर्मचारियों द्वारा अगले दिन की उपस्थिति पहले ही अंकित कर दी गई थी, जो गंभीर अनुशासनहीनता माना गया।अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों—प्रेममनी भगत, आरती भगत, शैलजा यादव, आशा रवि, पूनम एक्का, अंगत पैकरा, कुदीप एक्का, दिगेश और संजय दास—के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है।
कड़े शब्दों में चेतावनी
संयुक्त संचालक डॉ. शुक्ला ने स्पष्ट किया कि भविष्य में कोई भी कर्मचारी बिना स्वीकृत अवकाश के अनुपस्थित पाया गया तो निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।