नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम पिछले आठ वर्षों में अभूतपूर्व विकास की राह पर आगे बढ़ा है। उद्यमियों का कहना है कि पीएम मोदी ने न केवल स्टार्टअप्स के लिए सहूलियतें बढ़ाईं, बल्कि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और नीति समर्थन के माध्यम से भारतीय स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई।
स्टार्टअप्स को मिला वैश्विक मंच
हेल्थकेयर स्टार्टअप 1MG के सीईओ प्रशांत टंडन ने कहा कि वर्तमान में भारत में स्टार्टअप्स को आवश्यक सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने स्टार्टअप्स को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूती से स्थापित किया है। इसका असर यह हुआ कि भारत अब दुनिया के प्रमुख स्टार्टअप हब में शामिल हो चुका है।
देशभर में बदलती सोच
प्रशांत टंडन के अनुसार आज स्टार्टअप्स केवल व्यवसाय तक सीमित नहीं हैं। कॉरपोरेट्स, सरकार और आम नागरिक भी इनकी महत्ता समझने लगे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से स्टार्टअप इकोसिस्टम में व्यापक जागरूकता और सहयोग का माहौल बना है।
जेएएम ट्रिनिटी और यूपीआई ने बढ़ाई गति
भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, जैसे जन धन, आधार और मोबाइल (जेएएम ट्रिनिटी) तथा यूपीआई, ने स्टार्टअप्स को सशक्त बनाया। इससे व्यवसायिक लेन-देन आसान हुए और नए इनोवेटिव समाधानों को विकसित करने का मार्ग खुला।
110 यूनिकॉर्न और तेजी से बढ़ता इकोसिस्टम
अर्बन कंपनी के सह-संस्थापक अभिराज सिंह बहल ने बताया कि स्टार्टअप्स के शुरुआती दौर में भारत में केवल एक-दो यूनिकॉर्न थे। अब आठ वर्षों में संख्या बढ़कर 110 यूनिकॉर्न हो चुकी है, जबकि हजारों स्टार्टअप्स विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय हैं। उन्होंने इस बदलाव में पीएम मोदी के दृष्टिकोण को अहम कारण बताया।
प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण और प्रेरणा
प्रिस्टिन केयर के सह-संस्थापक हरसिमरबीर सिंह ने कहा कि 2015 में न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में पीएम मोदी का भाषण उनके स्टार्टअप सफर की प्रेरणा बना। उन्होंने भारत लौटकर स्टार्टअप शुरू करने का निर्णय लिया।
हरसिमरबीर सिंह ने पीएम मोदी को “स्टार्टअप सीईओ” की तरह देखा, जो किसी भी समस्या का समाधान तुरंत शुरू कर देते हैं। सेमीकंडक्टर सेक्टर में भारत की भागीदारी और 20-30 अरब डॉलर का निवेश इसका प्रमुख उदाहरण है।
स्टार्टअप इंडिया मिशन: मील का पत्थर
रेज कॉफी के संस्थापक भरत सेठी ने बताया कि 2016 में विज्ञान भवन में पीएम मोदी द्वारा स्टार्टअप इंडिया मिशन का उद्घाटन देश के लिए ऐतिहासिक क्षण था। इस पहल ने न केवल उद्यमियों को आत्मविश्वास दिया, बल्कि भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई दिशा दी।
भरत सेठी ने कहा कि स्टार्टअप इंडिया मिशन की नींव पर ही आज भारत का स्टार्टअप ग्रोथ खड़ा है, और यह पहल देश में उद्यमिता और नवाचार की नई उड़ान का आधार बनी।