नेशनल डेस्क: डिजिटल युग में सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से बातचीत करना आम बात बन चुकी है, लेकिन अब यह आदत कानूनी जाल में फंसा सकती है। अगर कोई व्यक्ति रात 11 बजे के बाद किसी अनजान महिला को आपत्तिजनक या अश्लील संदेश भेजता है, तो यह ‘मजाक’ या ‘फ्लर्टिंग’ नहीं बल्कि अपराध माना जाएगा।
मुंबई अदालत का अहम फैसला
मुंबई की एक सत्र अदालत ने हाल ही में एक मामले में आरोपी को तीन महीने की जेल की सजा सुनाई थी। आरोपी ने एक युवती को देर रात अश्लील मैसेज और तस्वीरें भेजी थीं। अदालत ने कहा कि अश्लीलता का निर्धारण समाज की स्वीकृति और सामान्य व्यक्ति की दृष्टि से किया जाता है। ऐसे संदेश किसी भी महिला के सम्मान और मानसिक शांति को ठेस पहुंचा सकते हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है यह निर्णय
यह फैसला इस धारणा को तोड़ता है कि ऑनलाइन भेजे गए संदेश “सिर्फ मजाक” या “दोस्ती की कोशिश” हैं। अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि देर रात भेजे गए अनुचित या अश्लील संदेश मानसिक उत्पीड़न की श्रेणी में आते हैं और इसके लिए जेल व जुर्माना दोनों हो सकते हैं।
क्या कहता है कानून
अगर कोई व्यक्ति किसी महिला को देर रात या किसी भी समय अश्लील संदेश भेजता है, तो उसके खिलाफ निम्न धाराओं में कार्रवाई हो सकती है –
भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 509: महिला की मर्यादा या सम्मान को ठेस पहुंचाने पर सजा।
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 67 और 67A: किसी को अश्लील संदेश या चित्र भेजना यौन उत्पीड़न की श्रेणी में आता है।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 79: महिलाओं को अनुचित या आपत्तिजनक संदेश भेजना उनकी गरिमा के खिलाफ माना जाएगा।