नई दिल्ली | हफ्ते की शुरुआत में रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद मंगलवार को सर्राफा बाजार में मुनाफावसूली का असर देखने को मिला। ऊंचे भाव पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने लाभ निकालना शुरू किया, जिससे सोने की कीमतों में हल्की गिरावट आई, जबकि चांदी ने दिन के कारोबार में तेजी बरकरार रखी।
एमसीएक्स पर सोना कमजोर, चांदी मजबूत
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुरुआती कारोबार में फरवरी डिलीवरी वाला सोना कमजोरी के साथ फिसलकर करीब 1,41,577 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। इसके उलट, मार्च डिलीवरी वाली चांदी में खरीदारी का रुझान बना रहा और यह बढ़त के साथ 2,70,322 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखाई दी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिला दबाव
वैश्विक बाजारों में सोने ने पहली बार 4,600 डॉलर प्रति औंस का स्तर छूने के बाद मुनाफावसूली का सामना किया। अंतरराष्ट्रीय निवेशकों द्वारा लाभ बुक करने से दाम नीचे आए, जिसका असर घरेलू कीमतों पर भी पड़ा। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 24 कैरेट सोने का भाव घटकर 1,40,482 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।
भूराजनीतिक घटनाओं से पहले आई थी तेजी
विशेषज्ञों का कहना है कि हालिया उछाल के पीछे वैश्विक तनाव बड़ी वजह रहा। अमेरिका की ओर से ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की घोषणा, साथ ही सैन्य कार्रवाई की चेतावनियों ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर मोड़ा, जिससे सोने-चांदी में तेज खरीदारी देखी गई।
फेड की नीति पर टिकी बाजार की नजर
कमोडिटी बाजार से जुड़े जानकारों के मुताबिक, निवेशकों की निगाह अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी मौद्रिक नीति पर है। हालिया कमजोर रोजगार आंकड़ों ने यह उम्मीद बढ़ा दी है कि साल के अंत तक ब्याज दरों में कटौती हो सकती है। फिलहाल बाजार अमेरिकी महंगाई से जुड़े आंकड़ों का इंतजार कर रहा है।
अनिश्चितता से सोने को सहारा
मध्य-पूर्व में जारी तनाव, रूस-यूक्रेन संघर्ष, ईरान में राजनीतिक हलचल और वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता ने सोने को सुरक्षित निवेश के तौर पर मजबूती दी है, जिससे कीमतों को नीचे गिरने से कुछ हद तक सहारा मिल रहा है।
तकनीकी स्तर और आगे का रुझान
विश्लेषकों के अनुसार, सोने में निचले स्तरों पर मजबूत सपोर्ट बना हुआ है, जबकि ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव देखने को मिल सकता है। वहीं चांदी की दीर्घकालिक मांग को लेकर विशेषज्ञ सकारात्मक हैं। औद्योगिक उपयोग, ग्रीन एनर्जी सेक्टर में बढ़ती खपत और सीमित आपूर्ति के चलते आने वाले समय में चांदी की कीमतों में और मजबूती आ सकती है।