रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राज्य में चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने और योग्य चिकित्सकों की नई पीढ़ी तैयार करने को लेकर गंभीर हैं। इसी क्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में चिकित्सा स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु प्रवेश वर्ष 2025 के लिए छात्र हितैषी और ऐतिहासिक नियम संशोधन किए गए हैं। इन बदलावों का उद्देश्य काउंसलिंग प्रक्रिया को पारदर्शी, सुगम और अधिकारों से युक्त बनाना है।
1. छत्तीसगढ़ मूल निवासियों को प्राथमिकतानिजी मेडिकल कॉलेजों के प्रबंधन कोटा और NRI कोटा में यदि SC, ST और OBC वर्गों की सीटें रिक्त रह जाती हैं, तो उन्हें अब छत्तीसगढ़ मूल निवासी अभ्यर्थियों को प्राथमिकता के आधार पर आवंटित किया जाएगा।
2. बॉन्ड सेवा अवधि में राहतपहले की 2 वर्षों की अनिवार्य सेवा अवधि को घटाकर अब 1 वर्ष कर दिया गया है, जिससे छात्रों को राहत मिलेगी और सेवा कार्य में लचीलापन आएगा।
3. पूरी काउंसलिंग प्रक्रिया अब ऑनलाइनअब से मेडिकल पाठ्यक्रमों (MBBS, BDS, BPT) की काउंसलिंग और सीट आवंटन की पूरी प्रक्रिया 100% ऑनलाइन होगी, जिससे पारदर्शिता और समय की बचत होगी।
4. ओबीसी छात्रों के लिए आय प्रमाण पत्र में सरलताOBC श्रेणी के छात्रों को आय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने में जिन समस्याओं का सामना करना पड़ता था, उन्हें ध्यान में रखते हुए मापदंडों को सरल किया गया है।
5. EWS सीटें अब सामान्य वर्ग कोयदि EWS श्रेणी की सीटें खाली रह जाती हैं, तो उन्हें अब अनारक्षित (जनरल) वर्ग के योग्य छात्रों को आवंटित किया जाएगा।
6. हर चरण में पंजीयन की सुविधाअब प्रत्येक काउंसलिंग राउंड में छात्रों को फ्रेश पंजीयन की सुविधा दी जाएगी, जिससे किसी भी कारणवश चूकने वाले छात्र दोबारा प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे।
कब से लागू होंगे ये बदलाव?
इन नए नियमों के तहत मेडिकल पाठ्यक्रमों की काउंसलिंग प्रक्रिया 30 जुलाई 2025 से प्रारंभ होगी। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि ये बदलाव छात्रों को बेहतर अवसर, पारदर्शिता और सुलभ प्रक्रिया प्रदान करने के उद्देश्य से किए गए हैं।
मुख्यमंत्री का विजन, छात्रों के लिए बड़ा कद
ममुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार चिकित्सा शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाने और स्थानीय छात्रों को अवसर देने के लिए कटिबद्ध है। यह निर्णय राज्य में मेडिकल शिक्षा को सुलभ और समावेशी बनाने की दिशा में एक बड़ा व सकारात्मक कदम माना जा रहा है।