विशाखापत्तनम। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि गूगल का गीगावाट स्तर का डेटा सेंटर इन्फ्रास्ट्रक्चर भारत के ‘विकसित भारत’ विजन के अनुरूप है। गूगल ने विशाखापत्तनम में एआई हब बनाने का ऐलान किया है, जिसमें अगले पांच वर्षों (2026-2030) में लगभग 15 अरब डॉलर का निवेश होगा। यह कंपनी का भारत में अब तक का सबसे बड़ा निवेश है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, “आंध्र प्रदेश के गतिशील शहर विशाखापत्तनम में गूगल एआई हब का लॉन्च होना बहुत खुशी की बात है। यह निवेश टेक्नोलॉजी के लोकतंत्रीकरण को मजबूती देगा, नागरिकों को अत्याधुनिक उपकरण प्रदान करेगा और भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा। यह निवेश भारत को ग्लोबल टेक्नोलॉजी लीडर के रूप में मजबूत करेगा।”
गूगल और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा कि यह हब गीगावाट-स्तरीय कंप्यूटिंग क्षमता, नए अंतरराष्ट्रीय सबसी गेटवे और बड़े पैमाने पर एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर से लैस होगा। यह परियोजना भारत में एआई इनोवेशन को गति देने, उद्यमों और उपयोगकर्ताओं तक उद्योग-अग्रणी तकनीक पहुँचाने और देशभर में विकास को बढ़ावा देने में मदद करेगी।
गूगल एआई हब का निर्माण अदाणी समूह की कंपनी अदाणीकॉनेक्स के सहयोग से किया जाएगा। अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी ने कहा, “यह सिर्फ इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश नहीं है, बल्कि उभरते भारत की आत्मा में निवेश है। यह साझेदारी 21वीं सदी के उपकरणों के माध्यम से हर भारतीय को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। विशाखापत्तनम अब टेक्नोलॉजी का वैश्विक केंद्र बनने के लिए तैयार है।”