मेट्रो सिटी की राह पर रायपुर: विकास योजनाओं के लिए फंड की कमी नहीं आने देगी सरकार

रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप मेट्रो सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार ने तेज़ी से कदम बढ़ा दिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया है कि राजधानी के विकास कार्यों में आर्थिक संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। सरकार का फोकस शहर को बेहतर बुनियादी ढांचे और आधुनिक नागरिक सुविधाओं से लैस करने पर है।

राजधानी के विकास को मिलेगी नई रफ्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर में लगातार बढ़ती आबादी और शहरी विस्तार को देखते हुए योजनाबद्ध विकास बेहद जरूरी है। सड़क नेटवर्क, सार्वजनिक परिवहन, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, बिजली और पेयजल व्यवस्था को आधुनिक स्वरूप देने के लिए ठोस रणनीति तैयार की जा रही है। इससे शहरवासियों को बेहतर जीवन स्तर उपलब्ध कराया जा सकेगा।

नगरीय निकायों को मिला अतिरिक्त बजट

राज्य सरकार ने नगरीय विकास को प्राथमिकता देते हुए नगर निगमों और नगरीय निकायों के लिए पहले की तुलना में कई गुना अधिक बजट का प्रावधान किया है। इसका उद्देश्य विकास कार्यों को समय पर पूरा करना और गुणवत्ता से कोई समझौता न करना है। सरकार का मानना है कि मजबूत वित्तीय व्यवस्था से ही टिकाऊ शहरी विकास संभव है।

विभागों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, बिजली विभाग और रेलवे जैसे संस्थानों के बीच समन्वय के बिना मेट्रो सिटी का सपना साकार नहीं हो सकता। इसी कारण सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि योजनाएं कागजों तक सीमित न रहें।

भविष्य की योजनाओं पर विशेष ध्यान

रायपुर को मेट्रो सिटी बनाने की प्रक्रिया में फ्लाईओवर, नई सड़कें, सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम, स्मार्ट स्ट्रीट लाइटिंग, खेल परिसर और सार्वजनिक स्थलों के विकास पर विशेष फोकस किया जा रहा है। साथ ही झुग्गी क्षेत्रों के पुनर्विकास और हरित क्षेत्रों के विस्तार को भी योजना में शामिल किया गया है।

राज्य सरकार का लक्ष्य रायपुर को एक सुव्यवस्थित, आधुनिक और सुविधाजनक राजधानी के रूप में स्थापित करना है, जो आने वाले वर्षों में प्रदेश के विकास का मॉडल शहर बन सके।

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