लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार आज शाम 6 बजे पूरे राज्य में एक बड़े पैमाने पर आपातकालीन मॉक ड्रिल का आयोजन कर रही है। इस अभ्यास का मकसद राज्य में किसी भी आपात स्थिति, विशेषकर हवाई हमले जैसी घटनाओं में सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता और समन्वय की क्षमता का परीक्षण करना है।
राजधानी लखनऊ की पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद उपस्थित रहेंगे और अभ्यास की निगरानी करेंगे। इस दौरान प्रमुख सचिव गृह, प्रमुख सचिव नगर विकास, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, डीजीपी, डीजी फायर एवं राहत आयुक्त समेत राज्य सरकार के उच्च अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
10 मिनट तक रहेगा अंधेरा
प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद के निर्देश के अनुसार, शाम 6 बजे हवाई हमले की चेतावनी देने वाला सायरन सभी 75 जिलों में एक साथ बजेगा। इसके तुरंत बाद बिजली आपूर्ति रोक दी जाएगी और राज्यभर में लगभग 10 मिनट के लिए अंधेरा छा जाएगा। इस दौरान पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, अग्निशमन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी डमी आपातकालीन स्थिति में राहत और बचाव कार्यों का अभ्यास करेंगे।
राज्यव्यापी समन्वय की परीक्षा
मॉक ड्रिल में शामिल सभी अधिकारी और कर्मचारी अलर्ट मोड पर रहेंगे। यूपीपीसीएल के प्रबंध निदेशक और राहत आयुक्त के साथ सभी जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों को इस अभ्यास की जिम्मेदारी दी गई है। अभ्यास का उद्देश्य आपात स्थिति में अधिकारियों के रिस्पॉन्स टाइम और कार्यकुशलता को मजबूत बनाना है।
भारत-पाक तनाव के बाद दूसरा बड़ा अभ्यास
उत्तर प्रदेश में इस तरह का व्यापक अभ्यास पिछले साल 7 मई 2025 के बाद दूसरा मौका है। उस समय भारत-पाक तनाव के मद्देनजर 19 संवेदनशील जिलों में मॉक ड्रिल कराई गई थी। पिछले अनुभवों को ध्यान में रखते हुए, इस बार सभी 75 जिलों को शामिल कर युद्ध जैसे हालात में आम नागरिकों की सुरक्षा और अधिक पुख्ता करने का प्रयास किया गया है।