नई दिल्ली | बिजनेस डेस्क। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि तंबाकू और इससे जुड़े उत्पादों पर फिलहाल कोई नया GST नहीं लगाया जाएगा। हालांकि, मार्च 2026 में कंपेन्सेशन सेस (Compensation Cess) की अवधि पूरी होने के बाद सरकार एक नई केंद्रीय कर प्रणाली (Central Tax Structure) लागू करने की तैयारी कर रही है। इसका उद्देश्य राज्यों को राजस्व हानि से बचाना और तंबाकू जैसे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक उत्पादों से टैक्स वसूली जारी रखना है।
तंबाकू उत्पादों पर पहले से 70% तक टैक्स बोझ
सिगरेट, बीड़ी, गुटखा, और च्यूइंग टोबैको पर इस समय 28% GST के साथ कंपेन्सेशन सेस भी वसूला जाता है। इससे इन उत्पादों पर कुल टैक्स का भार 60–70% तक पहुंच जाता है। यह सेस 2017 में GST लागू होने के साथ शुरू हुआ था ताकि शुरुआती वर्षों में राज्यों को होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई की जा सके।
कंपेन्सेशन सेस के बाद नया राजस्व ढांचा
कंपेन्सेशन सेस की समय सीमा जून 2022 में समाप्त होनी थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के दौरान राज्यों की आर्थिक स्थिति को संभालने के लिए केंद्र ने 2.7 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। इस वजह से सेस को मार्च 2026 तक बढ़ाया गया। अब केंद्र सरकार इस अवधि के बाद एक नया केंद्रीय टैक्स मॉडल लाने पर विचार कर रही है, जो GST के दायरे से अलग होगा लेकिन राजस्व प्रवाह को बनाए रखेगा।
लक्ज़री और ‘सिन गुड्स’ पर बढ़ा टैक्स फोकस
अधिकारियों का कहना है कि सरकार का झुकाव पहले से ही लक्ज़री वस्तुओं और ‘सिन गुड्स’ (जैसे तंबाकू, शराब और महंगी गाड़ियां) पर ऊंचे टैक्स रखने की ओर है। इन पर कुल टैक्स दर 28% से बढ़ाकर कई मामलों में 40% तक की जा चुकी है। टैक्स अनुपालन (Compliance) बढ़ने और खपत में सुधार से राज्यों की वित्तीय स्थिति पहले की तुलना में स्थिर बनी हुई है।
उपभोक्ताओं पर असर नहीं, कीमतों में नहीं होगा बड़ा बदलाव
फिलहाल तंबाकू उत्पादों की कीमतों में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। नई कर व्यवस्था लागू होने के बाद भी उपभोक्ताओं पर कुल टैक्स बोझ लगभग समान रहेगा। केवल कर संरचना (Tax Structure) में मामूली समायोजन किया जाएगा ताकि राजस्व स्थिर रहे और राज्यों की आमदनी में कमी न आए।