दुर्ग | देश के पहले उप-प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर, जिसे केंद्र सरकार द्वारा ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाया जा रहा है, दुर्ग जिले में एक भव्य ‘यूनिटी मार्च’ (एकता मार्च) का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर आयोजित इस कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिकों, स्कूली छात्रों और जनप्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि शामिल
इस अवसर पर दुर्ग निगम की महापौर अलका बाघमार, सांसद विजय बघेल और दुर्ग ग्रामीण के विधायक ललित चंद्राकर प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और मार्च में सक्रिय रूप से भाग लिया।

एकता और अखंडता का संदेश:
यूनिटी मार्च का मुख्य उद्देश्य सरदार वल्लभभाई पटेल के एकता, अखंडता और आपसी समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना था। बुधवार को दुर्ग पटेल चौक से हाथ में तिरंगा और तख्तियां लिए स्कूली छात्र और नागरिक शहर के मुख्य मार्गों से गुजरे और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के नारे लगाए।
जनप्रतिनिधियों ने इस मौके पर लोकतंत्र प्रहरी के संवाददाता से कहा कि सरदार पटेल ने अपने दृढ़ संकल्प से 562 से अधिक रियासतों को भारतीय संघ में एकीकृत किया, जिससे आधुनिक भारत का निर्माण संभव हो सका। उन्होंने कहा कि आज के समय में भी सरदार पटेल के बताए मार्ग और उनके सिद्धांत प्रासंगिक हैं और हमें उनके आदर्शों पर चलते हुए देश की एकता को बनाए रखना चाहिए। यह मार्च सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण में दिए गए अविस्मरणीय योगदान को एक सच्ची श्रद्धांजलि थी।