शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में संजौली स्थित मस्जिद के कथित अवैध निर्माण को लेकर चल रहे विवाद पर बुधवार को हाईकोर्ट ने अहम आदेश पारित किए। वक्फ बोर्ड द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई न्यायाधीश अजय मोहन की अदालत में हुई, जिसमें अदालत ने नगर निगम शिमला को नोटिस जारी करते हुए ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर पर वर्तमान स्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया।
सुनवाई के दौरान अदालत ने यह स्पष्ट किया कि मस्जिद के ऊपरी हिस्से—दूसरी मंजिल से ऊपर के निर्माण—को खुद हटाने संबंधी पूर्व आदेश प्रभावी रहेंगे। अब मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी।
वक्फ बोर्ड ने नगर निगम आयुक्त और जिला अदालत द्वारा पहले दिए गए फैसलों को चुनौती देते हुए नई याचिका दायर की थी। इससे पहले इसी विषय पर दायर एक अन्य याचिका वापस ले ली गई थी, जिसके बाद बोर्ड ने नए सिरे से याचिका दाखिल की।
उल्लेखनीय है कि 30 अक्टूबर को जिला अदालत ने नगर निगम आयुक्त के 3 मई 2025 के आदेश को सही ठहराया था, जिसमें मस्जिद के संपूर्ण ढांचे को अवैध घोषित करते हुए उसे हटाने के निर्देश दिए गए थे। इस निर्णय को वक्फ बोर्ड और मस्जिद कमेटी ने चुनौती दी थी। जिला अदालत ने सुनवाई के बाद निगम आयुक्त के आदेशों को बरकरार रखते हुए 30 दिसंबर तक अवैध निर्माण को हटाने की समय-सीमा तय की थी।