नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते पर कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन औपचारिक घोषणा का इंतजार अभी भी बना हुआ है। दोनों देशों के बीच सकारात्मक संकेत लगातार मिल रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि यह डील जल्द अंतिम चरण में पहुंच सकती है। संभावनाएं यह भी जताई जा रही हैं कि अमेरिका की ओर से भारत पर लागू उच्च आयात शुल्क में बड़ी कटौती देखने को मिल सकती है—जो वर्तमान में करीब 50% है, उसे घटाकर लगभग 20% तक लाया जा सकता है।
नोमुरा की रिपोर्ट में ट्रेड डील के संकेत
विदेशी ब्रोकरेज हाउस नोमुरा के नवीनतम विश्लेषण में कहा गया है कि भले ही भारत-अमेरिका के बीच समझौते पर अभी तक दस्तखत नहीं हुए हों, लेकिन परिस्थितियाँ बेहद अनुकूल हैं। फर्म का अनुमान है कि साल खत्म होने से पहले दोनों देशों के बीच व्यापारिक समझौता तय हो सकता है और इससे भारतीय आयात पर लगने वाले टैरिफ में महत्वपूर्ण कमी आने की संभावना है। शेयर बाजार भी इस संभावित डील को लेकर उत्साहित है और निवेशकों में सकारात्मक माहौल देखा जा रहा है।
भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर बेहतर संकेत
नोमुरा ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि भारत की अर्थव्यवस्था अनुमान से बेहतर प्रदर्शन कर रही है। सितंबर तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 8.2% दर्ज की गई, जबकि जून तिमाही में यह 7.8% थी। मजबूत आर्थिक गति को देखते हुए फर्म ने वित्त वर्ष 2026 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि का अनुमान 7% से बढ़ाकर 7.5% कर दिया है।
आरबीआई की बैठक पर भी नजर
रिपोर्ट के अनुसार, आने वाली मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक काफी अहम होगी। मजबूत आर्थिक आंकड़ों के कारण यह संभावना कम दिख रही है कि आरबीआई रेपो रेट में तत्काल कटौती करे।
हालांकि नोमुरा ने दिसंबर में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती की अपनी संभावना को बरकरार रखा है, जिसके बाद रेपो रेट 5.25% हो सकती है। लेकिन फर्म ने इस कटौती की अनुमानित संभावना को 65% से घटाकर 60% कर दिया है।
भारत-अमेरिका के बीच बढ़ती व्यापारिक नजदीकियों और आर्थिक मोर्चे पर मिले बेहतर संकेतों को देखते हुए निकट भविष्य में बड़ी घोषणा की उम्मीद की जा रही है।