गृह मंत्री अमित शाह ने देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं

देशभर में आज 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और गर्व के साथ मनाया जा रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और संविधान निर्माताओं को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने संदेश में अमित शाह ने कहा कि गणतंत्र दिवस हर भारतीय के लिए सम्मान और जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने नागरिकों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संवैधानिक मूल्यों को और मजबूत करते हुए ‘विकसित भारत’ के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य गणतंत्र दिवस परेड इस वर्ष खास आकर्षण का केंद्र रही। परेड के दौरान भारत की आधुनिक सैन्य क्षमता और स्वदेशी रक्षा तकनीक का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला। डीआरडीओ द्वारा विकसित लॉन्ग रेंज एंटी-शिप मिसाइल, ब्रह्मोस, आकाश मिसाइल प्रणाली और पहली बार स्वदेशी लेजर हथियार ‘सूर्यास्त्र’ को प्रदर्शित किया गया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

परेड में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की झांकी ने विशेष ध्यान खींचा। वहीं आसमान से पैराट्रूपर्स की रोमांचक एंट्री ने माहौल को और जोशीला बना दिया। एमआई-17 हेलिकॉप्टरों द्वारा पुष्पवर्षा ने समारोह की भव्यता को और बढ़ा दिया।

तोपखाने की आधुनिक शक्ति भी परेड में झलकी। धनुष 155 मिमी तोप, एडवांस्ड टोड आर्टिलरी गन सिस्टम (एटीएजीएस) और अन्य आधुनिक हथियार प्रणालियों ने भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता को दर्शाया। आसमान में उड़ते राफेल लड़ाकू विमानों और अपाचे हेलिकॉप्टरों ने दर्शकों में खासा उत्साह भर दिया।

हेलिकॉप्टर फॉर्मेशन इस बार परेड का मुख्य आकर्षण रहा। गरुड़ फॉर्मेशन में उड़ते अपाचे एएच-64ई और प्रहार फॉर्मेशन में रुद्र हेलिकॉप्टरों ने कर्तव्य पथ के ऊपर अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पूरे ध्यान से इन सैन्य करतबों को निहारते नजर आए।

गौरतलब है कि 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान लागू हुआ था, जिसके साथ ही भारत एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य बना। तभी से हर वर्ष यह दिन राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जाता है।

इस वर्ष गणतंत्र दिवस की थीम ‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष’ रखी गई है। इसके तहत कुल 30 झांकियों का प्रदर्शन किया गया, जिनमें 17 झांकियां विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की थीं, जबकि 13 झांकियां केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों द्वारा प्रस्तुत की गईं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *