नई दिल्ली। आज मुंबई में 26/11 हमलों की 17वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद किसी एक देश का नहीं, बल्कि पूरी मानव जाति के लिए खतरा है।
26 नवंबर 2008 की रात को 10 आतंकवादियों के एक ग्रुप ने समुद्री रास्ते से मुंबई में प्रवेश किया और 60 घंटे तक कई स्थानों पर हमला किया। इसमें ताज और ओबेरॉय होटल, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, नरीमन हाउस, कामा हॉस्पिटल, मेट्रो सिनेमा और लियोपोल्ड कैफे शामिल थे। इन हमलों में कुल 166 लोग मारे गए और कई घायल हुए।
अमित शाह ने मुंबई के शहीद जवानों और हमलों में जान गंवाने वाले सभी नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार आतंकवाद के मामलों में किसी प्रकार की सहनशीलता नहीं दिखाएगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के आतंकवाद विरोधी प्रयासों को व्यापक समर्थन मिल रहा है। गृह मंत्री ने कहा कि 26/11 हमले के दौरान वीरतापूर्वक लड़े और अपना बलिदान देने वाले जवानों को हमेशा याद किया जाएगा।