नई दिल्ली : भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों इजराइल के दौरे पर हैं। अपने इस ऐतिहासिक दौरे के दौरान उन्होंने इजराइल की संसद नेसेट में संबोधन देकर नया इतिहास रचा। संबोधन के बाद उन्हें ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ से सम्मानित किया गया, जो इजराइल की ओर से दिया जाने वाला एक प्रतिष्ठित सम्मान है। यह सम्मान संसद अध्यक्ष अमीर ओहाना ने यरुशलम में प्रदान किया।
नेतन्याहू के साथ साझा की तस्वीर
संसद में कार्यक्रम समाप्त होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ एक तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की। तस्वीर में दोनों नेता एक ही कार में सवार दिखाई दे रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने जानकारी दी कि वे नेसेट में भाषण के बाद तकनीक से जुड़ी एक प्रदर्शनी देखने के लिए म्यूजियम जा रहे थे। इस तस्वीर को दोनों देशों की मजबूत दोस्ती का प्रतीक माना जा रहा है।
ऐतिहासिक संबोधन
प्रधानमंत्री मोदी ने नेसेट को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनकर इतिहास रचा। अपने भाषण में उन्होंने भारत और इजराइल के बीच गहरे होते रणनीतिक संबंधों, नवाचार, कृषि, रक्षा और तकनीक के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग का उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने दोनों देशों के साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और आपसी विश्वास को द्विपक्षीय रिश्तों की मजबूती का आधार बताया।
सर्वोच्च सम्मान और वैश्विक प्रतिष्ठा
इससे पहले वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री मोदी को फिलिस्तीन द्वारा ‘ग्रैंड कॉलर ऑफ द स्टेट ऑफ फिलिस्तीन’ से सम्मानित किया गया था, जो फिलिस्तीन का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। इजराइल और फिलिस्तीन—दोनों की ओर से उच्च सम्मान प्राप्त करने वाले वे चुनिंदा वैश्विक नेताओं में शामिल हैं।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारत और इजराइल के बीच बढ़ते सहयोग और मजबूत होते कूटनीतिक संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि इस यात्रा से रक्षा, कृषि, साइबर सुरक्षा और नवाचार के क्षेत्रों में साझेदारी को नई गति मिलेगी।