कैसे बने विजय शंकर ‘अनकैप्ड’ खिलाड़ी? IPL 2026 ऑक्शन में उनकी एंट्री पर उठे सवाल

नई दिल्ली: आईपीएल 2026 की मिनी ऑक्शन 16 दिसंबर को अबूधाबी में होने जा रही है और इससे पहले बीसीसीआई ने खिलाड़ियों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है। इस सूची में एक नाम ने सभी का ध्यान खींचा है—विजय शंकर। भारतीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके विजय शंकर इस बार अनकैप्ड खिलाड़ी के रूप में नीलामी में उतरेंगे।

लेकिन सवाल यह है कि इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाला खिलाड़ी अनकैप्ड कैसे माना जा सकता है?

क्यों अनकैप्ड माने जाएंगे विजय शंकर?

बीसीसीआई के नियम के अनुसार,
यदि किसी भारतीय खिलाड़ी ने पिछले पाँच वर्षों में भारत के लिए किसी भी फॉर्मेट में एक भी मैच नहीं खेला है, तो नीलामी में उसे अनकैप्ड कैटेगरी में रखा जाता है।

विजय शंकर ने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 27 जून 2019 को खेला था। यानी उन्हें 5 साल से ज्यादा समय हुआ टीम इंडिया के लिए मैदान में उतरे हुए। यही वजह है कि नियम के अनुसार वे इस साल ऑक्शन में अनकैप्ड खिलाड़ी के रूप में शामिल किए गए हैं।

पिछला IPL प्रदर्शन और मौजूदा स्थिति

विजय शंकर पिछले सीजन चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) का हिस्सा थे। सीएसके ने उन्हें पिछले मेगा ऑक्शन में 1.2 करोड़ रुपये में खरीदा था। हालांकि रन बनाने में वे बहुत प्रभावी साबित नहीं हुए—5 पारियों में सिर्फ 118 रन बना सके।

सीएसके इस बार टीम को नए सिरे से तैयार कर रही है, इसलिए फ्रेंचाइज़ी ने उन्हें रिटेन नहीं किया। अब नीलामी में देखना दिलचस्प होगा कि कौन सी टीम इस अनुभवी ऑलराउंडर पर दांव लगाती है।

IPL करियर एक नजर में

2014 में आईपीएल करियर शुरू करने वाले विजय शंकर अब तक:

  • 78 मैच,
  • 1,233 रन (7 अर्धशतक),
  • सबसे बड़ा स्कोर: नाबाद 69,
  • 2023 — सर्वश्रेष्ठ सीजन (GT के लिए 301 रन)
  • गेंदबाजी में 9 विकेट

उन्होंने पिछले सीजन एमएस धोनी की तरह ही “5 साल वाले नियम” के तहत अनकैप्ड कैटेगरी में जगह पाई थी।

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