रायपुर। भारतमाला परियोजना के तहत आर्थिक कॉरिडोर निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण में कथित वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ में बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार को ईडी की टीमों ने राजधानी रायपुर सहित महासमुंद जिले के विभिन्न इलाकों में एक साथ छापेमारी की।
सूत्रों के मुताबिक, ईडी ने कम से कम नौ अलग-अलग परिसरों में तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई रायपुर से विशाखापट्टनम तक प्रस्तावित आर्थिक कॉरिडोर परियोजना के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजा वितरण में कथित अनियमितताओं की जांच से जुड़ी है। जांच एजेंसी को आशंका है कि मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी की गई।
बताया जा रहा है कि भारतमाला परियोजना के तहत देशभर में करीब 26 हजार किलोमीटर लंबे आर्थिक कॉरिडोर विकसित किए जाने हैं, जिनका उद्देश्य माल परिवहन को सुगम बनाना है। हालांकि छत्तीसगढ़ में इस परियोजना के कुछ हिस्सों को लेकर पहले भी अनियमितताओं के आरोप सामने आते रहे हैं, जिसमें मुआवजे की राशि में करोड़ों रुपये के घोटाले की बात कही गई थी।
ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून के तहत यह कार्रवाई की है। तलाशी के दौरान संबंधित व्यक्तियों और संस्थानों से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और वित्तीय रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। माना जा रहा है कि जांच के दायरे में और नाम सामने आ सकते हैं।
यह मामला पहले से ही प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। विपक्षी दलों द्वारा इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की जाती रही है। अब ईडी की सक्रियता से इस पूरे प्रकरण में नए खुलासों की संभावना जताई जा रही है।