तेहरान : ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और अमेरिका के सैन्य दबाव के बीच परमाणु मुद्दे पर वार्ता शुरू करने का औपचारिक आदेश जारी किया है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ‘फार्स’ ने इस कदम की पुष्टि एक उच्च पदस्थ सूत्र के हवाले से की है। इसे ट्रंप प्रशासन की सख्त कूटनीतिक रणनीति का परिणाम माना जा रहा है।
तुर्की में संभावित बैठक, तैयारी जारी
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि ईरान अमेरिका के साथ बातचीत की रूपरेखा और विवरणों की समीक्षा कर रहा है। पश्चिमी मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों देशों के बीच जल्द ही तुर्की में एक अहम बैठक हो सकती है। बघाई ने जोर दिया कि ईरान हर पहलू की सावधानीपूर्वक जांच कर रहा है और समय के महत्व को ध्यान में रखते हुए ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
अविश्वास और प्रतिबंधों की शर्त
ईरानी प्रवक्ता ने अमेरिका के पिछले रिकॉर्ड पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले दस वर्षों में अमेरिका ने कई बार वादों का उल्लंघन किया है। उन्होंने पिछले साल जून में इजरायल और अमेरिका द्वारा किए गए हमले का भी हवाला दिया। इसके बावजूद, ईरान ने कूटनीतिक समाधान की प्रतिबद्धता जताई है। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि परमाणु कार्यक्रम पर चिंता दूर करने के लिए ईरान तैयार है, लेकिन इसके बदले प्राथमिकता के आधार पर अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाया जाना चाहिए।
अमेरिकी सैन्य दबाव और चेतावनी
जनवरी के अंत में अमेरिका ने मध्य पूर्व में विमानवाहक पोत और युद्धपोत तैनात कर ईरान पर दबाव बढ़ाया था। राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि ईरान समझौता नहीं करता, तो क्षेत्रीय संघर्ष बढ़ सकता है। इस बीच, ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि यदि वाशिंगटन अपनी सख्त नीति छोड़ दे, तो कम समय में निष्पक्ष और न्यायपूर्ण परमाणु समझौता संभव है।