खून से लाल ईरान की सड़कें: दो हफ्तों में 2000 जानें गईं, सरकारी सच ने मचाई हलचल

तेहरान : ईरान इस समय गंभीर उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है। बीते करीब दो सप्ताह से जारी जनआंदोलन अब बेहद हिंसक रूप ले चुका है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि खुद ईरान सरकार को पहली बार बड़े पैमाने पर जानमाल के नुकसान की बात स्वीकार करनी पड़ी है। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने मंगलवार को आधिकारिक रूप से माना कि देशभर में फैली हिंसा में अब तक करीब 2,000 लोगों की मौत हो चुकी है। यह स्वीकारोक्ति ऐसे समय आई है जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय पहले से ही ईरान की स्थिति पर नजर बनाए हुए था।

सरकार का दावा: सड़कों पर हिंसा के पीछे ‘आतंकी ताकतें’

ईरानी सरकार ने इन मौतों के लिए प्रदर्शनकारियों को जिम्मेदार ठहराने से इनकार करते हुए आरोप लगाया है कि हिंसा को कथित ‘आतंकवादी तत्वों’ ने हवा दी है। रॉयटर्स से बातचीत में एक अधिकारी ने कहा कि मरने वालों में आम नागरिकों के साथ-साथ सुरक्षा बलों के जवान भी शामिल हैं। हालांकि, सरकार यह स्पष्ट करने से बचती नजर आई कि मृतकों में कितने निहत्थे प्रदर्शनकारी थे और कितने सुरक्षाकर्मी। सरकार का कहना है कि विरोध प्रदर्शनों पर अब ऐसे समूहों का कब्जा हो गया है, जो देश में अस्थिरता फैलाना चाहते हैं।

1979 के बाद सबसे बड़ी चुनौती

विश्लेषकों के मुताबिक, यह आंदोलन 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से मौजूदा सत्ता के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। खराब आर्थिक स्थिति, महंगाई और बेरोजगारी से उपजा जनाक्रोश धीरे-धीरे सरकार विरोधी आंदोलन में तब्दील हो गया। एक ओर सरकार जनता की आर्थिक शिकायतों को मान्यता देने की बात कर रही है, तो दूसरी ओर सुरक्षा बलों के जरिए सख्त कार्रवाई भी कर रही है। इसके साथ ही ईरान ने अमेरिका और इजरायल पर हालात बिगाड़ने का आरोप लगाकर बाहरी साजिश का तर्क भी दिया है।

इंटरनेट पर पाबंदी, सूचनाओं पर लगाम

स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सरकार ने देश के कई हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। मानवाधिकार संगठनों ने पहले ही बड़ी संख्या में गिरफ्तारियों और मौतों की चेतावनी दी थी, लेकिन सरकारी आंकड़ा उससे कहीं अधिक चौंकाने वाला साबित हुआ। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर सामने आ रहे वीडियो और तस्वीरें सच्चाई की झलक दे रही हैं, जिनमें गोलियों की आवाजें, जलती इमारतें और तबाह सड़कों का मंजर दिखाई देता है। ये दृश्य ईरान में गृहयुद्ध जैसे हालात की ओर इशारा कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *