नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के वार्षिक अनुबंध ढांचे में इस बार बड़ा बदलाव देखने को मिला है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने 2025–26 सीज़न के लिए खिलाड़ियों के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में टॉप ग्रेड ए+ को ही खत्म करने का फैसला किया है। इस निर्णय का सबसे ज्यादा असर टीम इंडिया के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह पर पड़ा है, जिन्हें अब नई व्यवस्था में कम सैलरी पर आना पड़ सकता है।
टॉप कैटेगरी खत्म होने से घटेगी कमाई
पहले ए+ श्रेणी में शामिल खिलाड़ियों को सालाना करीब 7 करोड़ रुपये मिलते थे। इस ग्रुप में पहले रोहित शर्मा, विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा जैसे बड़े खिलाड़ी शामिल थे। लेकिन नई नीति के तहत यह कैटेगरी समाप्त कर दी गई है।
अब बुमराह को ग्रेड ए में रखा गया है, जहां खिलाड़ियों को करीब 5 करोड़ रुपये सालाना मिलते हैं। ऐसे में पुराने ढांचे की तुलना में उनकी कमाई में लगभग 2 करोड़ रुपये की कमी हो सकती है।
बोर्ड कर रहा समाधान तलाशने की कोशिश
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, क्रिकेट बोर्ड इस स्थिति पर दोबारा विचार कर रहा है। बुमराह टीम इंडिया के लिए तीनों फॉर्मेट में अहम भूमिका निभाते हैं और दुनिया के बेहतरीन तेज गेंदबाजों में गिने जाते हैं। इसी वजह से बोर्ड के भीतर यह चर्चा चल रही है कि उनके कॉन्ट्रैक्ट की राशि में किसी तरह बदलाव करके नुकसान की भरपाई की जाए।
अक्षर पटेल की ग्रेडिंग पर भी उठे सवाल
इस कॉन्ट्रैक्ट सूची में ऑलराउंडर अक्षर पटेल को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सीमित ओवरों के क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने और टेस्ट टीम का हिस्सा होने के बावजूद उन्हें ग्रेड सी में रखा गया है, जहां खिलाड़ियों को सालाना करीब 1 करोड़ रुपये मिलते हैं।
इस बार सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में कुल 30 खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। ग्रेड ए में शुभमन गिल, जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा जैसे खिलाड़ी शामिल हैं, जबकि बाकी खिलाड़ियों को ग्रेड बी और ग्रेड सी में जगह दी गई है।
खिलाड़ियों की सैलरी और ग्रेडिंग को लेकर उठे सवालों के बाद माना जा रहा है कि बीसीसीआई जल्द ही इस पूरे वेतन ढांचे पर कोई नई और स्पष्ट घोषणा कर सकता है।