नई दिल्ली : नई दिल्ली स्थित विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्रीय कार्यालय (एसईएआरओ) के नव-निर्मित भवन में शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा पहुंचे। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने भारत की ओर से क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य सहयोग को और अधिक सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता को दोहराया।
अपने संबोधन में जेपी नड्डा ने कहा कि मौजूदा समय में सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियां सीमाओं में बंधी नहीं हैं। महामारी, गैर-संचारी रोग, जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य असमानता जैसे मुद्दों का समाधान तभी संभव है जब सभी देश मिलकर साझा रणनीति और समन्वित प्रयास करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि सामूहिक कार्रवाई ही वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा की कुंजी है।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के विभिन्न देशों से आए मंत्रियों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस संवाद में क्षेत्र के सामने मौजूद स्वास्थ्य चुनौतियों, सहयोग के अवसरों और भविष्य की प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श किया गया।
जेपी नड्डा ने डब्ल्यूएचओ एसईएआरओ के नए भवन को केवल एक प्रशासनिक ढांचा नहीं, बल्कि क्षेत्र के लोगों की साझा उम्मीदों और सामूहिक संकल्प का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह केंद्र दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र की विशाल आबादी के स्वास्थ्य और कल्याण को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा और साझेदारी व एकजुटता की भावना को मजबूत करेगा।
इस मौके पर विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने एसईएआरओ भवन को मानवता की सेवा में साझा उद्देश्य और प्रतिबद्धता का प्रतीक बताते हुए भारत की भूमिका की सराहना की।
डॉ. टेड्रोस ने भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्रीय कार्यालय की मेजबानी भारत और डब्ल्यूएचओ के बीच गहरे विश्वास और मजबूत सहयोग को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यह नया भवन सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत के नेतृत्व और योगदान को वैश्विक मंच पर और मजबूत करेगा।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव, केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, डब्ल्यूएचओ के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के सदस्य देशों के प्रतिनिधि, शोधकर्ता और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।