Dry eye disease : सर्दियों के मौसम के खत्म होने के बाद कई लोगों को आंखों में जलन, खुजली और सूखापन की शिकायत रहती है। इसे मेडिकल भाषा में ड्राई आई डिजीज (Dry Eye Disease – DED) कहा जाता है। बदलता मौसम, स्क्रीन का लगातार इस्तेमाल और जीवनशैली की आदतें इसे और बढ़ा देती हैं।
सर्दियों के बाद ड्राई आई क्यों बढ़ जाती है?
ठंडी हवा, हीटर का इस्तेमाल और कम नमी वाली जगहें आंखों की नमी को धीरे-धीरे कम कर देती हैं। आंखों की नमी बनाए रखने वाली मेइबोमियन ग्रंथि (Meibomian Gland) सही तरीके से काम न करने पर आंसू जल्दी सूखते हैं और आंखें ड्राई महसूस होती हैं।

ड्राई आई के आम कारण
- हीटर और एयर कंडीशनर का अधिक इस्तेमाल
- कम नमी (Low Humidity) वाला वातावरण
- मोबाइल, लैपटॉप और टीवी स्क्रीन पर लंबे समय तक नजरें टिकाए रखना
- पलकें कम झपकाना
- शरीर में पानी की कमी (Dehydration)
- 40 साल की उम्र के बाद हार्मोनल बदलाव
- बढ़ती उम्र के साथ आंसुओं का कम बनना

डॉक्टर को कब दिखाना जरूरी है?
यदि आंखों के सूखापन के साथ ये लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत सलाह लें:
- आंखों में करकरी या जलन महसूस होना
- आंखों का लाल होना
- धुंधला दिखना, जो पलक झपकाने पर ठीक हो जाए
- आंखों से जरूरत से ज्यादा पानी आना
सूखी आंखों से बचने और राहत पाने के उपाय
- घर में ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें
- दिनभर में 2–3 लीटर पानी पिएं
- आंखों पर गर्म कपड़े से सिकाई करें
- Preservative-free Artificial Tears का उपयोग करें
- ओमेगा-3 फैटी एसिड्स (डॉक्टर की सलाह से) लें
- हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें (20-20-20 नियम)
- स्क्रीन टाइम कम करें और पलकें झपकाने की आदत डालें
ड्राई आई आम समस्या है, लेकिन इसे नजरअंदाज न करें। समय रहते देखभाल और जीवनशैली में छोटे बदलाव से आप अपनी आंखों की नमी बनाए रख सकते हैं और उन्हें स्वस्थ रख सकते हैं।