जानें, क्यों बिना मतदान के मिली राजिंदर गुप्ता को राज्यसभा की सीट

चंडीगढ़। पंजाब की राज्यसभा सीट से चुनावी प्रक्रिया के बीच बड़ी खबर सामने आई है। ट्राइडेंट समूह के अध्यक्ष और प्रसिद्ध उद्योगपति राजिंदर गुप्ता आज राज्यसभा सदस्य निर्विरोध चुने गए। उनके अलावा केवल एक निर्दलीय उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल किया था, लेकिन उनके सिफारिशकर्ताओं के हस्ताक्षर जाली पाए जाने के कारण चुनाव अधिकारी ने उनका नामांकन खारिज कर दिया।

इस प्रकार, राजिंदर गुप्ता अकेले उम्मीदवार बने और उनका चुनाव स्वतः ही निर्विरोध घोषित कर दिया गया। राजिंदर गुप्ता ने आम आदमी पार्टी (AAP) की ओर से अपना नामांकन प्रस्तुत किया था।

जानकारों के अनुसार, राजिंदर गुप्ता पंजाब के प्रमुख उद्योगपतियों में से एक हैं और उन्होंने ट्राइडेंट समूह को राष्ट्रीय स्तर पर कपड़ा उद्योग में एक मजबूत पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। AAP ने उनकी उम्मीदवारी को “उद्योग और विकास की आवाज” के रूप में पेश किया।

चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम समय सीमा दोपहर तक थी। चूंकि कोई अन्य वैध उम्मीदवार नहीं था, इसलिए राजिंदर गुप्ता की जीत स्वतः सुनिश्चित हो गई।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि AAP द्वारा उद्योगपति को राज्यसभा भेजना पंजाब में निवेश, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी सूत्रों ने कहा कि राज्यसभा में राजिंदर गुप्ता की उपस्थिति से AAP को औद्योगिक विशेषज्ञता मिलेगी, जो राज्य की अर्थव्यवस्था और नीति निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।

गौरतलब है कि इस राज्यसभा सीट के लिए मतदान 24 अक्टूबर को होना था, लेकिन निर्विरोध जीत के कारण मतदान प्रक्रिया रद्द कर दी गई।

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