भारत की पारंपरिक पहचान बन चुकी कोल्हापुरी चप्पलों को अब अंतरराष्ट्रीय फैशन जगत में एक नया मंच मिलने जा रहा है। इटली की प्रख्यात लग्ज़री फैशन कंपनी प्राडा ने भारत की दो सरकारी संस्थाओं के साथ मिलकर कोल्हापुरी-स्टाइल फुटवियर तैयार करने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) किया है। इस साझेदारी से इस क्षेत्र के निर्यात में तेज़ उछाल आने की संभावना है।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि इस सहयोग से कोल्हापुरी चप्पलों का वार्षिक निर्यात 1 अरब डॉलर तक पहुंचने का मार्ग खुल सकता है। उन्होंने कहा कि कोल्हापुरी चप्पल अपने डिज़ाइन, रंगों और आरामदायक पहनावे के कारण विश्व-स्तर का उत्पाद बनने की पूरी क्षमता रखती है, और अब प्राडा के जुड़ने से यह सपना और करीब आ गया है।
गोयल ने बताया कि उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि प्राडा की तकनीकी टीम ने कोल्हापुर जाकर स्थानीय कारीगरों से मुलाकात की। टीम ने वहां पारंपरिक crafting तकनीकों को बारीकी से समझा, ताकि प्रामाणिकता बरकरार रखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर का उत्पाद तैयार किया जा सके।
यह MoU मुंबई में इटली के वाणिज्य दूतावास में लिडकॉम और लिडकार नाम की भारतीय सरकारी कंपनियों के साथ किया गया। प्राडा के सहयोग से तैयार कोल्हापुरी-स्टाइल सैंडल फरवरी 2026 में दुनिया भर के 40 प्राडा स्टोर्स और कंपनी के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लॉन्च किए जाएंगे।
इससे पहले प्राडा को बिना भारतीय कारीगरों को श्रेय दिए महंगी कोल्हापुरी-स्टाइल सैंडल बेचने के कारण आलोचना का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद कंपनी ने भारत आकर असली कलाकारों से जुड़ने का निर्णय लिया।
पीयूष गोयल ने यह भी कहा कि भारत यूरोपीय संघ (EU) के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और इटली के साथ तकनीक, रक्षा, टेक्सटाइल, कृषि और फूड प्रोसेसिंग क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।