रायपुर: छत्तीसगढ़ से राज्यसभा की दो सीटों के लिए भारतीय जनता पार्टी की लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस की फूलोदेवी नेताम को निर्विरोध सांसद चुन लिया गया है। नामांकन और जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों ही उम्मीदवारों के खिलाफ कोई अन्य प्रत्याशी मैदान में नहीं होने के कारण उन्हें निर्वाचित घोषित किया गया।
चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद लक्ष्मी वर्मा ने अपना निर्वाचन प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिया है, जबकि फूलोदेवी नेताम भी जल्द ही आधिकारिक रूप से प्रमाण पत्र लेने वाली हैं। निर्वाचित होने के बाद लक्ष्मी वर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया और पार्टी नेतृत्व का आभार जताया।
दोनों दलों ने पहले ही तय कर दिए थे उम्मीदवार
राज्यसभा की इन सीटों के लिए भाजपा और कांग्रेस ने पहले ही अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए थे। भाजपा ने संगठन से जुड़ी सक्रिय कार्यकर्ता लक्ष्मी वर्मा पर भरोसा जताया, जबकि कांग्रेस ने अनुभवी नेता फूलोदेवी नेताम को एक बार फिर राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया। दोनों उम्मीदवारों ने 5 मार्च को विधानसभा में राज्यसभा चुनाव के रिटर्निंग ऑफिसर के सामने नामांकन पत्र दाखिल किए थे। इस दौरान दोनों पार्टियों के कई वरिष्ठ नेता और विधायक भी मौजूद रहे।
महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने पर जोर
निर्विरोध चुने जाने के बाद लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि पार्टी ने एक साधारण कार्यकर्ता को इतना बड़ा दायित्व देकर यह संदेश दिया है कि संगठन में हर कार्यकर्ता को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार महिलाओं को नेतृत्व में आगे लाने के लिए काम कर रही है।
राज्य के मुद्दों को संसद में उठाने की बात
लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधि के रूप में काम करते हुए उन्होंने विकास और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई पहल की हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि राज्यसभा में पहुंचने के बाद वह छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों और प्रदेश के हितों को राष्ट्रीय मंच पर मजबूती से उठाने का प्रयास करेंगी।