रायपुर : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में एक बार फिर कानूनी हलचल तेज हो गई है। इस मामले में आरोपी चैतन्य बघेल को मिली जमानत के खिलाफ आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (EOW-ACB) ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। शीर्ष अदालत में इस याचिका पर 28 जनवरी को सुनवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि चैतन्य बघेल, 3 जनवरी को करीब छह महीने बाद जेल से रिहा हुए थे। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें 18 जुलाई को शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग प्रकरण में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद से वे रायपुर सेंट्रल जेल में बंद थे। बाद में बिलासपुर हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उन्हें जेल से रिहाई मिली।
प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, छत्तीसगढ़ में सामने आए कथित शराब घोटाले में चैतन्य बघेल की भूमिका अहम बताई गई है। ED का दावा है कि घोटाले से अर्जित अवैध राशि को विभिन्न माध्यमों से निवेश किया गया, जिसमें चैतन्य बघेल से जुड़ी कंपनियों का नाम भी सामने आया है। एजेंसी की चार्जशीट में यह आरोप लगाया गया है कि इस पूरे नेटवर्क से उन्हें लगभग 1000 करोड़ रुपये तक का लाभ हुआ।
इधर, भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर EOW-ACB भी इस मामले की जांच कर रही है। हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद चैतन्य बघेल को राहत जरूर मिली, लेकिन अब EOW-ACB द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दी गई चुनौती से उनकी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं। 28 जनवरी की सुनवाई के बाद यह तय होगा कि जमानत पर मिली राहत बरकरार रहती है या नहीं।