बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले से जुड़े मामले में नया कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तारी के बाद सौम्या चौरसिया ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की है। इस याचिका पर सुनवाई जल्द ही होने की संभावना जताई जा रही है।
इसी बीच, आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) द्वारा सौम्या चौरसिया के खिलाफ जारी प्रोडक्शन वारंट की सुनवाई 8 जनवरी को प्रस्तावित है। वहीं, इस मामले का ट्रायल 13 जनवरी से शुरू होने की योजना है।
3200 करोड़ का कथित घोटाला
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह मामला 3200 करोड़ रुपये से अधिक के शराब घोटाले से संबंधित है। ED ने आरोप लगाया है कि यह घोटाला तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में एक संगठित सिंडिकेट के माध्यम से किया गया था।
जांच में सामने आया है कि इस सिंडिकेट में पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के तत्कालीन MD एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर की प्रमुख भूमिका रही। साथ ही इस प्रकरण में कई राजनेताओं, आबकारी विभाग के अधिकारियों और कारोबारियों के खिलाफ नामजद एफआईआर भी दर्ज की गई है।
गहन जांच जारी
प्रवर्तन निदेशालय और अन्य जांच एजेंसियां मामले की गहन जांच में जुटी हैं। एजेंसी पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़कर कथित घोटाले के बड़े पैमाने को उजागर करने की कोशिश कर रही है।
मामले में अभी कई नए खुलासे सामने आने की संभावना है, जिससे यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है।