वॉशिंगटन/काराकास। अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ता तनाव अब खुली सैन्य टकराव की शक्ल लेता नजर आ रहा है। शनिवार तड़के अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला की राजधानी काराकास में एक बड़े सैन्य अभियान को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि पेंटागन के निर्देश पर किए गए इस ऑपरेशन में काराकास स्थित प्रमुख सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिससे शहर में जोरदार धमाकों की गूंज सुनाई दी।
राजधानी में दहशत, कई धमाकों से कांपा शहर
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तड़के हुए हमलों के दौरान काराकास में लगातार सात तेज धमाके हुए। धमाकों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई इलाकों में इमारतों की खिड़कियां तक हिल गईं। हमलों के बाद शहर के ऊपर धुएं के घने बादल छा गए और लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सैन्य ठिकानों के साथ हाई-प्रोफाइल टारगेट
अंतरराष्ट्रीय मीडिया चैनलों का दावा है कि इस ऑपरेशन में केवल नेवी बेस ही नहीं, बल्कि वेनेजुएला के रक्षा मंत्री के आवास को भी निशाने पर लिया गया। हमले रात करीब दो बजे के आसपास हुए, जब अधिकांश लोग अपने घरों में सो रहे थे। इसके चलते राजधानी के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई और ब्लैकआउट की स्थिति बन गई।
लड़ाकू विमानों की आवाज, सड़कों पर उतरे लोग
घटना के तुरंत बाद काराकास के आसमान में लड़ाकू विमानों की गतिविधि देखी गई। तेज धमाकों और सायरनों की आवाज से घबराए लोग रात में ही अपने घरों से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थानों की तलाश में सड़कों पर जमा हो गए।
पहले से बढ़ा हुआ था तनाव
इस सैन्य कार्रवाई की पृष्ठभूमि में दोनों देशों के बीच लंबे समय से चला आ रहा तनाव बताया जा रहा है। अमेरिकी प्रशासन वेनेजुएला पर ड्रग तस्करी को संरक्षण देने जैसे गंभीर आरोप लगाता रहा है, जबकि वेनेजुएला सरकार इन आरोपों को सिरे से नकारते हुए अमेरिका पर अपने प्राकृतिक संसाधनों पर नजर रखने का आरोप लगाती रही है।
आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम पर वेनेजुएला सरकार की ओर से कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं, व्हाइट हाउस की तरफ से भी इस सैन्य कार्रवाई को लेकर अब तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि यह टकराव आगे किस दिशा में जाता है।