नई दिल्ली | सिख धर्म के दशम गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व पर देशभर में श्रद्धा और भावभीनी स्मृति कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित कई राजनेताओं ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक माध्यमों से उन्हें नमन किया।
गुरु गोबिंद सिंह जी ने अपने जीवन में अन्याय और अत्याचार के खिलाफ साहसिक संघर्ष किया और धर्म, संस्कृति तथा मानवता की रक्षा के लिए अपने परिवार और स्वयं का सर्वोच्च बलिदान दिया। इस अद्वितीय त्याग के कारण उन्हें ‘सरबंसदानी’ की उपाधि प्राप्त हुई।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना के माध्यम से धर्म की सेवा और रक्षा का सशक्त स्तंभ बनाया, और उनके पंच प्यारे आज भी मानव समाज की सुरक्षा के प्रतीक बने हुए हैं।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी गुरु साहिब को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके विचार और संदेश सदियों तक लोगों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे। उन्होंने लिखा, “उनका जीवन अन्याय के विरुद्ध संघर्ष और धर्म की रक्षा की प्रेरणा देता है।”
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी साहस और त्याग के प्रतीक थे। उनका संघर्ष और संदेश मानवता को सत्य, निष्ठा और निर्भीकता के मार्ग पर चलते रहने की प्रेरणा देता है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी गुरु साहिब को नमन करते हुए कहा कि उनका जीवन और शौर्यगाथा संपूर्ण मानवता के लिए साहस, सत्य और समर्पण का उदाहरण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि धर्म का असली अर्थ ही अन्याय के खिलाफ निर्भीक संघर्ष में निहित है।
देशभर में इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारों में पूजा-अर्चना और सेवा कार्य किए। गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व ने एक बार फिर साहस, त्याग और मानवता के आदर्शों को लोगों के समक्ष प्रस्तुत किया।