भोपाल। वर्ष 2026 की पहली कैबिनेट बैठक मुख्यमंत्री निवास में आयोजित की गई, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिए गए। बैठक में राज्य के विकास से जुड़े सिंचाई, सड़क और परिवहन विभाग के प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई, जिससे प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
बैठक का प्रमुख एजेंडा नेपानगर और बुरहानपुर क्षेत्र की सिंचाई परियोजनाएं रहीं। विस्तृत चर्चा के बाद इन परियोजनाओं को मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही नर्मदा घाटी विकास विभाग के प्रस्ताव पर नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाली सिंचाई योजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन के लिए नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट कंपनी लिमिटेड के माध्यम से वित्तीय व्यवस्था को भी हरी झंडी दे दी गई।
ग्रामीण सड़कों पर सरकार का फोकस
कैबिनेट ने मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण द्वारा संचालित योजनाओं को जारी रखने का निर्णय लिया। इसके तहत प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान योजना और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना को आगे बढ़ाने की स्वीकृति दी गई है। साथ ही प्रधानमंत्री सड़क योजना के फेज-1 और फेज-2 के अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए राज्य पोषित निरंतर योजना को भी मंजूरी मिल गई है।
इसके अलावा ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण द्वारा निर्मित सड़कों के नवीनीकरण और उन्नयन के प्रस्ताव को भी कैबिनेट की स्वीकृति प्राप्त हुई है, जिससे ग्रामीण इलाकों में यातायात व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।
परिवहन कानून में संशोधन
बैठक में परिवहन विभाग के प्रस्ताव पर मध्यप्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम की प्रथम और द्वितीय अनुसूची में धारा 23 के अंतर्गत संशोधन को भी मंजूरी दी गई है। इससे राज्य में वाहन कर व्यवस्था से जुड़े प्रावधानों में बदलाव होगा।
कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री चैतन्य काश्यप ने मीडिया को फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि ये निर्णय प्रदेश के बुनियादी ढांचे, किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को नई गति देंगे।