दुर्ग : दुर्ग पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक संगठित म्यूल अकाउंट गैंग का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। थाना पद्मनाभपुर पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
पुलिस को यह कार्रवाई उस समय मिली, जब एक पीड़ित ने थाना पद्मनाभपुर में शिकायत दर्ज कराई कि उससे बैंक खाते उपलब्ध कराने के बदले मोटी रकम का लालच दिया गया था। जांच में सामने आया कि आरोपी लोग फर्जी और किराए पर लिए गए बैंक खातों का उपयोग साइबर ठगी और अवैध लेन-देन में कर रहे थे।
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी लोकेश जाधव को दुर्ग बस स्टैंड से उस समय गिरफ्तार किया, जब वह महाराष्ट्र भागने की तैयारी में था। तलाशी के दौरान उसके पास से बड़ी मात्रा में बैंकिंग दस्तावेज और सिम कार्ड बरामद किए गए।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह म्यूल अकाउंट सप्लाई का काम योजनाबद्ध तरीके से कर रहा था। आरोपी की निशानदेही पर उसके भाई के ठिकाने पर छापेमारी की गई, जहां से और भी एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक और सिम कार्ड बरामद हुए। आगे की जांच में पुलिस ने गिरोह से जुड़े तीन अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 78 एटीएम/क्रेडिट कार्ड, 21 चेकबुक, 18 पासबुक और 16 अलग-अलग कंपनियों के सिम कार्ड जब्त किए हैं, जो साइबर अपराध नेटवर्क की गंभीरता को दर्शाते हैं।

थाना पद्मनाभपुर पुलिस द्वारा मामले की एंड-टू-एंड विवेचना की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी लालच में आकर अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड या केवाईसी दस्तावेज किसी को न दें, क्योंकि ऐसा करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।