कोहिमा: बिहार की राजनीति के वरिष्ठ नेता नंद किशोर यादव शुक्रवार को नागालैंड के 23वें राज्यपाल के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। शपथ ग्रहण समारोह राजधानी कोहिमा के राजभवन परिसर स्थित लोक भवन में आयोजित किया जाएगा, जहां राज्य के कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।
शपथ ग्रहण से एक दिन पहले यादव कोहिमा पहुंचे, जहां उनका स्वागत राज्य के मुख्यमंत्री नेफियू रियो, मंत्रिमंडल के सदस्यों और प्रशासनिक अधिकारियों ने किया। मुख्यमंत्री ने उनका अभिनंदन करते हुए उम्मीद जताई कि उनके अनुभव से राज्य के विकास और सुशासन को नई दिशा मिलेगी।
दरअसल, देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 5 मार्च को कई राज्यों में राज्यपालों और उपराज्यपालों की नियुक्तियों व फेरबदल की घोषणा की थी। उसी निर्णय के तहत बिहार के पूर्व मंत्री और विधानसभा अध्यक्ष रहे नंद किशोर यादव को नागालैंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया।
यादव इस पद पर अजय कुमार भल्ला की जगह जिम्मेदारी संभालेंगे, जो पिछले वर्ष से नागालैंड का अतिरिक्त प्रभार देख रहे थे। इससे पहले राज्यपाल ला. गणेशन के निधन के बाद यह व्यवस्था की गई थी।
73 वर्षीय नंद किशोर यादव का राजनीतिक जीवन लंबे समय से सार्वजनिक सेवा से जुड़ा रहा है। वह 1960 के दशक के अंत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े और बाद में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के माध्यम से सक्रिय राजनीति में आए। इसके बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं और बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पटना साहिब क्षेत्र से कई बार विधायक चुने जा चुके यादव बिहार सरकार में मंत्री रहने के साथ-साथ वर्ष 2024 में बिहार विधानसभा के अध्यक्ष भी बने थे। नागालैंड के राज्यपाल के रूप में उनकी नियुक्ति को उनके लंबे राजनीतिक अनुभव और प्रशासनिक समझ की मान्यता के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव के साथ अब उनसे उम्मीद की जा रही है कि वह नागालैंड में शांति, विकास और समृद्धि को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।