दुर्ग, 07 अप्रैल। छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक-2026 के विरोध में मंगलवार को दुर्ग जिला मुख्यालय में मूल निवासी संघ ने शक्ति प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और महिलाओं ने शहर में रैली निकालकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने इस विधेयक को संवैधानिक अधिकारों का हनन बताते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
कलेक्ट्रेट परिसर बना छावनी
मूल निवासी संघ के आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन में जनसैलाब उमड़ पड़ा। रैली में शामिल महिलाएं हाथों में तख्तियां लिए विधेयक वापस लेने की मांग कर रही थीं। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। कलेक्ट्रेट परिसर को पूरी तरह से छावनी में तब्दील कर दिया गया था और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।

संविधान के अनुच्छेद 25 का हवाला
प्रदर्शन के दौरान संघ के नेताओं ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक-2026 संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत नागरिकों को मिले धार्मिक स्वतंत्रता के मौलिक अधिकारों को कमजोर करने की एक बड़ी साजिश है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर प्रहार है और इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के अंत में संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि इस विवादित विधेयक पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।