विधानसभा में गूंजा नेटिविटी कार्ड विधेयक, पहचान और अधिकारों को मिलेगी मजबूती

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में 24 फरवरी को राज्य का 25वां बजट पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री ओपी चौधरी अपने कार्यकाल का तीसरा बजट प्रस्तुत करेंगे। बजट को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में उत्सुकता चरम पर है, खासतौर पर इस बार की संभावित थीम और प्रस्तुति शैली को लेकर।

अब तक कैसा रहा बजट का विजन?

वित्त मंत्री अपने पिछले दो बजटों में अलग-अलग अवधारणाओं के साथ सामने आए थे। पहले बजट में ‘GYAN’ के जरिए गरीब, युवा, किसान और महिलाओं पर केंद्रित योजनाओं को प्राथमिकता दी गई थी। इसके बाद दूसरे बजट में ‘GATI’ की अवधारणा के साथ सुशासन, आधारभूत ढांचे के विस्तार, तकनीक के उपयोग और औद्योगिक विकास पर जोर दिया गया।

पिछला बजट डिजिटल प्रारूप में पेश किया गया था और टेक्नोलॉजी आधारित प्रशासनिक सुधारों पर विशेष ध्यान रहा। अब तीसरे बजट में सरकार किस नए विजन के साथ आगे बढ़ेगी, इस पर अटकलें लगाई जा रही हैं।

नई थीम को लेकर चर्चाएं तेज

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 25वां बजट प्रतीकात्मक रूप से भी खास हो सकता है। सरकार राज्य के विकास के अगले चरण का रोडमैप पेश कर सकती है, जिसमें रोजगार सृजन, निवेश आकर्षण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक कल्याण योजनाओं के संतुलन पर फोकस रहने की संभावना है।

यह भी चर्चा है कि बजट की थीम राज्य की दीर्घकालिक विकास रणनीति को प्रतिबिंबित कर सकती है।

ब्रीफकेस पर भी टिकी नजरें

छत्तीसगढ़ में बजट प्रस्तुति के दौरान ब्रीफकेस का चयन भी हर साल चर्चा का विषय बनता रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 2022 में गोबर से बने विशेष ब्रीफकेस के साथ बजट पेश कर पारंपरिक और स्थानीय संसाधनों को बढ़ावा देने का संदेश दिया था।

वहीं ओपी चौधरी ने अपने पहले बजट में पारंपरिक ढोकरा कला की झलक वाले काले ब्रीफकेस का उपयोग किया था, जबकि दूसरे बजट में लाल रंग के ब्रीफकेस के साथ नई रफ्तार का संदेश दिया गया।

अब 24 फरवरी को पेश होने वाले इस ऐतिहासिक 25वें बजट में सरकार किस प्रतीक और किस विचारधारा के साथ सामने आएगी, इसे लेकर उत्सुकता बनी हुई है। राज्य के आर्थिक भविष्य की दिशा तय करने वाला यह बजट कई मायनों में अहम माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *