अंबिकापुर/दुर्ग | स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के दावों के बीच शनिवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) रामपुर की पोल खुल गई। संभागीय संयुक्त संचालक डॉ. अनिल कुमार शुक्ला ने सुबह 10:50 बजे जब अस्पताल का औचक निरीक्षण किया, तो वहां सन्नाटा और अव्यवस्था का आलम देख वे दंग रह गए। ड्यूटी से नदारद रहने वाले नेत्र सहायक का नोटिस जारी करने के साथ ही एक कर्मचारी का वेतन रोकने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
ड्यूटी से ‘गायब’ मिले अधिकारी, कई ने नहीं किए थे हस्ताक्षर
निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी लापरवाही नेत्र सहायक अधिकारी लक्ष्मण टुडू की मिली, जो बिना किसी पूर्व सूचना के अस्पताल से अनुपस्थित थे। संयुक्त संचालक ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए उन्हें तत्काल नोटिस थमाने के निर्देश दिए। वहीं, आशा कार्यकर्ता लोकनाथ सिंह की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए उनका वेतन रोकने का आदेश दिया गया। कई अन्य कर्मचारी अस्पताल में मौजूद तो थे, लेकिन उपस्थिति रजिस्टर में उनके हस्ताक्षर नहीं थे, जिन्हें फटकार लगाते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है।

प्रसव कक्ष में गंदगी देख बिफरे संयुक्त संचालक
अस्पताल की स्वच्छता पर सवाल उठाते हुए डॉ. शुक्ला ने प्रसव कक्ष (लेबर रूम) और अस्पताल परिसर में पसरी गंदगी पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को दो टूक कहा कि मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही दवा वितरण केंद्र (डिस्पेंसरी) में स्टॉक और वितरण का रिकॉर्ड भी अधूरा पाया गया, जिसे व्यवस्थित करने की अंतिम चेतावनी दी गई।
अगली बार सुधार नहीं तो सीधा निलंबन
निरीक्षण के अंत में डॉ. शुक्ला ने सभी स्वास्थ्य कर्मियों की क्लास ली। उन्होंने स्पष्ट लहजे में चेतावनी दी, “मरीजों से शालीन व्यवहार करें और समय पर ड्यूटी आएं। प्रसव और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की मासिक रिपोर्ट समय पर जमा होनी चाहिए। यदि अगली बार निरीक्षण में सुधार नहीं दिखा, तो नोटिस नहीं, बल्कि सीधे निलंबन (Suspension) की कार्रवाई होगी।” उन्होंने अस्पताल में सूचनात्मक पोस्टर लगाने के भी निर्देश दिए ताकि मरीजों को योजनाओं की जानकारी मिल सके।