NIA का बड़ा खुलासा: साजिद जट्ट पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड, TRF लश्कर का प्रॉक्सी निकला, 10 लाख का इनाम

नई दिल्ली। नेशनल इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी (NIA) ने पहलगाम आतंकी हमले को लेकर अपनी ताजा चार्जशीट में पाकिस्तान स्थित आतंकी साजिद जट्ट को इस हमला का मुख्य साजिशकर्ता घोषित किया है। जांच में सामने आया है कि साजिद जट्ट लश्कर-ए-तैयबा का सीनियर कमांडर है और उसी के निर्देश पर उसका प्रॉक्सी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) इस हमले को अंजाम देने के लिए सक्रिय हुआ। इस आतंकी पर लगभग 10 लाख रुपये का इनाम घोषित है।

हमले का तंत्र और स्थानीय मददगार

22 अप्रैल को हुए इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। NIA की जांच में यह भी सामने आया है कि इस आतंकी साजिश में स्थानीय मददगारों की अहम भूमिका रही। एजेंसी ने इस मामले में 1,000 से अधिक लोगों से पूछताछ की और आतंकी नेटवर्क पर शिकंजा कसने में सफलता पाई।

कौन है साजिद जट्ट

चार्जशीट के मुताबिक, साजिद जट्ट उर्फ सैफुल्लाह पाकिस्तान में बैठकर घाटी में आतंक फैलाने की योजनाएं बनाता रहा है। वह लश्कर-ए-तैयबा का सक्रिय और अनुभवी कमांडर है, जिसे सीमा पार बैठे आकाओं का पूरा समर्थन प्राप्त है। जट्ट एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन के जरिए टारगेट चुनता, हथियार और लॉजिस्टिक्स उपलब्ध कराता और हमले का समय निर्धारित करता था।

TRF: लश्कर का प्रॉक्सी नेटवर्क

NIA की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि TRF कोई स्वतंत्र संगठन नहीं, बल्कि लश्कर-ए-तैयबा का प्रॉक्सी नेटवर्क है। 2019 में TRF को “स्थानीय कश्मीरी संगठन” के रूप में पेश किया गया, ताकि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय दबाव, विशेषकर FATF की निगरानी से बच सके।

चार्जशीट में पाकिस्तान की संलिप्तता

NIA ने जम्मू की विशेष अदालत में 1,597 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है। इसमें आतंकी संचालन के लिए पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से मिली वित्तीय सहायता, हमले की योजना और सभी ठोस सबूत शामिल हैं। एजेंसी का कहना है कि चार्जशीट पाकिस्तान की सीधी संलिप्तता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।

आरोपियों और मारे गए आतंकियों का विवरण

इस मामले में NIA ने कुल 7 आरोपियों को नामजद किया है। इसके साथ ही, प्रतिबंधित संगठन LeT-TRF को भी कानूनी तौर पर आरोपी बनाया गया है। चार्जशीट में उन तीन पाकिस्तानी आतंकियों का भी नाम शामिल है, जो जुलाई में दाचीगाम में ‘ऑपरेशन महादेव’ के दौरान मारे गए थे। साथ ही, दो स्थानीय मददगार भी गिरफ्तार किए गए थे, जिन्होंने हमले में पाकिस्तानी आतंकियों को पनाह देने की बात स्वीकार की।

भारत के खिलाफ युद्ध की धाराएं

NIA ने आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता (IPC), UAPA और आर्म्स एक्ट के तहत गंभीर धाराओं के साथ-साथ ‘भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने’ की धाराओं का भी आरोप लगाया है, जो इस मामले की गंभीरता को उजागर करता है।

आठ महीने की जांच का निष्कर्ष

लगभग आठ महीने की तकनीकी और वैज्ञानिक जांच के बाद तैयार चार्जशीट में साजिद जट्ट और TRF की पूरी साजिश का तार-तार ब्यौरा अदालत के सामने रखा गया है। NIA का दावा है कि यह चार्जशीट न केवल हमले के अपराधियों की पहचान उजागर करती है, बल्कि पाकिस्तान की आतंकवाद में गहरी संलिप्तता को भी सामने लाती है।

यह मामला आने वाले समय में भारत की आंतरिक सुरक्षा रणनीति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिए अहम साबित हो सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *