नई दिल्ली। झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा क्षेत्र में गुरुवार को सुरक्षाबलों ने माओवादियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। घने जंगलों में चली लंबी मुठभेड़ के दौरान माओवादी संगठन का कुख्यात और शीर्ष स्तर का नेता अनल दा उर्फ तूफान ढेर हो गया। उस पर केंद्र और राज्य सरकार की ओर से एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, यह अभियान कोबरा बटालियन और सीआरपीएफ के जवानों द्वारा संयुक्त रूप से अंजाम दिया गया। सुबह के समय किरीबुरू थाना क्षेत्र के जंगलों में सर्च ऑपरेशन के दौरान माओवादियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाला और कई घंटे तक चली गोलीबारी के बाद माओवादियों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।
मुठभेड़ के बाद इलाके की तलाशी में अनल दा उर्फ तूफान का शव बरामद किया गया। खुफिया एजेंसियों का कहना है कि वह माओवादी संगठन की केंद्रीय कमेटी का सदस्य था और झारखंड, ओडिशा व छत्तीसगढ़ में कई हिंसक घटनाओं की साजिश रचने में उसकी भूमिका रही थी। उसके मारे जाने से माओवादी नेटवर्क को गहरा झटका लगा है।
सूत्रों के मुताबिक, तूफान लंबे समय से सारंडा और उसके आसपास के इलाकों में सक्रिय था और सुरक्षाबलों की गतिविधियों पर नजर रख रहा था। पुख्ता सूचना मिलने के बाद ही इलाके की घेराबंदी कर यह ऑपरेशन चलाया गया। मुठभेड़ में अन्य माओवादियों के हताहत होने की भी आशंका जताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि सर्च ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही की जाएगी।
घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। सुरक्षाबलों का कहना है कि माओवादी गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने इस कार्रवाई को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति बहाली की दिशा में एक अहम कदम बताया है।