नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट में फर्जीवाड़े को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब वोटर लिस्ट में नया नाम जोड़ने, नाम हटाने या सुधार करने के लिए आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर भेजे गए OTP से वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा। यह नई प्रणाली आयोग के ECINet पोर्टल और ऐप पर ‘e-sign’ फीचर के माध्यम से लागू कर दी गई है।
इस कदम का कारण हाल ही में कर्नाटक की आलंद विधानसभा सीट पर हजारों वोटरों के नाम अवैध तरीके से हटाने की कोशिश थी। जांच में पाया गया कि 6,018 आवेदन में से केवल 24 ही सही थे। कई मामलों में मोबाइल नंबर असली वोटरों से जुड़े नहीं थे। इस घटना के बाद आयोग ने वेरिफिकेशन प्रक्रिया को और सख्त करने का निर्णय लिया।
अब आवेदन करने वाले को अपना आधार नंबर दर्ज करना होगा, उसके आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर OTP आएगा, जिसे डालने और सहमति देने के बाद ही फॉर्म जमा किया जा सकेगा। नया नियम फॉर्म 6 (नया रजिस्ट्रेशन), फॉर्म 7 (नाम हटाना/आपत्ति) और फॉर्म 8 (सुधार) पर तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन आवेदन के आधार पर किसी का नाम सीधे नहीं काटा जाएगा। हर आवेदन के बाद बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) द्वारा फिजिकल वेरिफिकेशन अनिवार्य रहेगा। मतदाता को अपनी बात रखने का पूरा मौका दिया जाएगा। नया e-sign फीचर चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से लागू किया गया है।