पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के बीच सियासी तापमान एक बार फिर बढ़ गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाते हुए नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। खेड़ा का कहना है कि अमित शाह जब भी पटना आते हैं, तो वे अधिकारियों के साथ गुप्त बैठकें करते हैं और उस दौरान होटल के लिफ्टों में लगे CCTV कैमरों को कागज से ढक दिया जाता है, ताकि बैठक की कोई रिकॉर्डिंग न हो सके।
“अगर सब कुछ पारदर्शी है, तो कैमरे क्यों ढकते हैं?”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पवन खेड़ा ने सवाल उठाया कि यदि ये बैठकें सामान्य प्रशासनिक हैं, तो उन्हें गुप्त रखने की जरूरत क्या है। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े करती हैं।
बिहार चुनाव को लेकर दावा — ‘महागठबंधन मजबूत स्थिति में’
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के परिणाम को लेकर खेड़ा ने कहा कि महागठबंधन 121 में से 72 सीटों पर आगे चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि जनता इस बार बदलाव चाहती है और बीजेपी के “झूठे वादों” से तंग आ चुकी है। खेड़ा के मुताबिक, महागठबंधन का स्ट्राइक रेट इस बार पहले से बेहतर रहेगा।
मोदी पर निशाना, नीतीश पर विवादित बयान
प्रधानमंत्री मोदी के हालिया “कट्टा” (पिस्तौल) वाले बयान पर पलटवार करते हुए खेड़ा ने कहा, “अगर प्रधानमंत्री में हिम्मत है तो नीतीश कुमार की कनपटी पर कट्टा रखकर मुख्यमंत्री पद की घोषणा करवाएं।”
इस बयान ने बिहार की राजनीति में भूचाल ला दिया है। बीजेपी ने इसे “भड़काऊ और असंवेदनशील टिप्पणी” बताया है और कांग्रेस से माफी की मांग की है।
मतदाता सूची में हेराफेरी का आरोप
खेड़ा ने यह भी आरोप लगाया कि पहले चरण के मतदान में मतदाता सूचियों में भारी अनियमितताएं हुई हैं। उनके मुताबिक, कई परिवारों के नाम जानबूझकर हटा दिए गए, जो वर्षों से मतदान करते आ रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब सत्ताधारी दल और चुनाव आयोग की मिलीभगत से हुआ है, जैसा पहले हरियाणा में भी देखा गया था।
बिहार में पहले चरण में 65.08% मतदान हुआ है, जो अब तक का रिकॉर्ड है। दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को 122 सीटों पर होगा, जबकि 14 नवंबर को नतीजों की घोषणा की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि पवन खेड़ा के इन बयानों से चुनावी माहौल और गरमाने वाला है, वहीं बीजेपी इसे कांग्रेस की “हताशा” का नतीजा बता रही है।