सिंगल प्लेटफॉर्म पर पेमेंट की पूरी सुविधा, Paytm ने शुरू किया नया बदलाव

नेशनल डेस्क। पेटीएम की पैरेंट कंपनी वन 97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड ने अपने संचालन ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है। कंपनी ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार अपने ऑफलाइन मर्चेंट पेमेंट्स बिजनेस को अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी Paytm Payments Services Limited (PPSL) को ट्रांसफर करने का फैसला किया है।

बदलाव की वजह

RBI के 15 सितंबर 2025 को जारी किए गए पेमेंट एग्रीगेटर्स रेगुलेशन के अनुरूप यह कदम उठाया गया है। पेटीएम का ऑफलाइन बिजनेस उन व्यापारियों से जुड़ा है, जो QR कोड, साउंडबॉक्स और ईडीसी मशीनों के माध्यम से पेमेंट स्वीकार करते हैं। ट्रांसफर “स्लंप सेल” के रूप में होगा, यानी पूरा बिजनेस एकमुश्त ट्रांसफर किया जाएगा।

शेयरधारकों और बोर्ड की मंजूरी बाकी

हालांकि अंतिम मंजूरी के लिए शेयरधारकों और PPSL के बोर्ड की स्वीकृति जरूरी है। चूंकि यह लेन-देन एक 100% सहायक कंपनी के साथ हो रहा है, इसलिए कंपनी के कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

वित्तीय असर

वित्त वर्ष 2024-25 में पेटीएम के ऑफलाइन मर्चेंट पेमेंट्स बिजनेस का राजस्व लगभग 2,580 करोड़ रुपये रहा, जो कंपनी के कुल स्टैंडअलोन राजस्व का 47% है। बिजनेस की नेट वर्थ 960 करोड़ रुपये आंकी गई है, जो कुल नेट वर्थ का 7.45% है। कंपनी उम्मीद कर रही है कि सभी मंजूरियां मिलने के बाद यह प्रक्रिया 31 दिसंबर 2025 तक पूरी हो जाएगी।

कॉरपोरेट स्ट्रक्चर में सुधार

वन 97 कम्युनिकेशंस अपने कॉरपोरेट ढांचे को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक योजना पर काम कर रहा है। इसके तहत कंपनी अपनी कई सहायक इकाइयों को सीधे अपने नियंत्रण में लाएगी।

विशेष रूप से, Paytm Financial Services Limited में 51.22% हिस्सेदारी खरीदकर इसे भी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी बनाया जाएगा। इसके अलावा, Admireable Software, Mobiqust Mobile Technologies, Urja Money, FinCellect Services, Paytm Emerging Tech, Paytm InsurTech और Paytm Life Insurance जैसी कंपनियों की हिस्सेदारी भी वन 97 के अधीन आएगी।

निष्पक्ष और पारदर्शी लेन-देन

कंपनी का कहना है कि यह सभी डील्स निष्पक्ष बाजार मूल्य पर की जा रही हैं और इन्हें 31 जनवरी 2026 तक पूरा करने की योजना है।

इस कदम से Paytm का पेमेंट और फाइनेंशियल बिजनेस अब एक ही छत के नीचे केंद्रित होगा, जिससे संचालन अधिक पारदर्शी, संगठित और नियामक मानकों के अनुरूप होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *