नई दिल्ली: देश के करोड़ों कर्मचारियों के लिए जल्द ही पीएफ से जुड़ी प्रक्रियाएं पहले से कहीं ज्यादा आसान होने वाली हैं। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म को आधुनिक बनाने के लिए नया सिस्टम लागू करने की तैयारी कर रहा है। इस पहल के तहत कर्मचारियों को भविष्य में पीएफ खाते से पैसे निकालने के लिए लंबी प्रक्रिया या दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
डिजिटल सिस्टम से आसान होगी प्रक्रिया
ईपीएफओ के नए डिजिटल ढांचे का उद्देश्य कर्मचारियों को उनकी बचत तक तेज और सरल पहुंच देना है। इस सिस्टम के लागू होने के बाद सदस्य अपने पीएफ खाते की जानकारी ऑनलाइन देख सकेंगे और कई सेवाओं का लाभ घर बैठे ले पाएंगे।
नई व्यवस्था के तहत स्वतः दावा निपटान (ऑटो-क्लेम सेटलमेंट) जैसी सुविधा को भी मजबूत किया जाएगा, जिससे दावा प्रक्रिया तेज होगी और पैसा सीधे सदस्य के चुने हुए बैंक खाते में स्थानांतरित हो सकेगा।
यूपीआई और एटीएम से निकासी की तैयारी
नई योजना के तहत भविष्य में पीएफ खाताधारकों को एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) और स्वचालित टेलर मशीन (एटीएम) के जरिए भी पैसा निकालने की सुविधा मिल सकती है। इससे कर्मचारियों को जरूरत पड़ने पर तुरंत राशि प्राप्त करने में आसानी होगी और पारंपरिक प्रक्रियाओं पर निर्भरता कम हो जाएगी।
निकासी पर तय हो सकती है सीमा
प्रस्तावित नियमों के अनुसार, यूपीआई या एटीएम के माध्यम से निकासी की एक अधिकतम सीमा तय की जा सकती है। संभावना है कि कर्मचारी अपने पीएफ खाते में जमा राशि का लगभग 50 प्रतिशत तक ही निकाल सकेंगे, ताकि भविष्य के लिए बचत सुरक्षित बनी रहे।
सुविधा का लाभ लेने के लिए जरूरी शर्तें
नई सुविधाओं का उपयोग करने के लिए कर्मचारियों को कुछ आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। इसके तहत सक्रिय सार्वभौमिक खाता संख्या (यूएएन) होना जरूरी होगा। इसके अलावा आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक खाते की जानकारी को यूएएन से जोड़ना भी अनिवार्य होगा।
ईपीएफओ ने इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए कई सरकारी और निजी बैंकों के साथ भी सहयोग बढ़ाया है, ताकि भविष्य में पीएफ से जुड़ी सेवाएं तेज, सुरक्षित और पूरी तरह डिजिटल हो सकें।