तंबरम : तमिलनाडु के तंबरम एयर फोर्स स्टेशन के पास आज दोपहर भारतीय वायुसेना का पिलेटस PC-7 MK-II ट्रेनर विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा करीब 2 बजे उस समय हुआ, जब विमान एक नियमित प्रशिक्षण मिशन पर था। दुर्घटना के वक्त मौजूद पायलट ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए खुद को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ी त्रासदी टल गई। वायुसेना ने घटना के तुरंत बाद कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के गठन का आदेश दे दिया है।
उड़ान के कुछ मिनट बाद विमान में आई गड़बड़ी
जानकारी के मुताबिक विमान ने दोपहर लगभग 1:45 बजे प्रशिक्षण उड़ान के लिए तंबरम एयरबेस से उड़ान भरी थी। यह विमान नई भर्ती पायलटों को बुनियादी प्रशिक्षण देने के लिए उपयोग में लिया जाता है।
उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद पायलट को किसी तकनीकी समस्या का संकेत मिला। उसने आपातकालीन लैंडिंग की प्रक्रिया अपनाने की कोशिश की, लेकिन विमान नियंत्रण में नहीं रह पाया और कुछ दूरी पर क्रैश हो गया।
पायलट की त्वरित कार्रवाई से टला बड़ा हादसा
घटना के तुरंत बाद वायुसेना की क्विक रिएक्शन टीम और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। आसपास के लोगों ने तेज धमाका और धुएं की हल्की परत देखी।पायलट ने प्रशिक्षित आपातकालीन प्रक्रिया का पालन करते हुए समय रहते विमान से खुद को बाहर निकाल लिया। उन्हें हल्की चोटें आई हैं और प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति सुरक्षित बताई जा रही है। राहत की बात यह भी रही कि दुर्घटनास्थल पर किसी नागरिक या संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचा।
हादसे की गहन जांच शुरू
भारतीय वायुसेना ने पूरे प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए हैं। यह जांच टीम फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर, दुर्घटनास्थल और विमान के तकनीकी हिस्सों की बारीकी से जांच करेगी।
वायुसेना अधिकारियों के अनुसार, यह पता लगाया जाएगा कि दुर्घटना तकनीकी खराबी, मानवीय त्रुटि, मौसम संबंधी कारण या किसी अन्य वजह से हुई।
पिलेटस ट्रेनर विमान की पृष्ठभूमि
स्विट्जरलैंड में निर्मित पिलेटस PC-7 MK-II को भारतीय वायुसेना में 2005 से शामिल किया गया है। इन्हें बेड़े में काफी भरोसेमंद और स्थिर ट्रेनर विमान माना जाता है और यह बेसिक फ्लाइंग ट्रेनिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।