भिलाई में ‘पिंक गश्त’: अब मोहल्लों की सुरक्षा संभालेंगी महिलाएं, डीआईजी ने बैच और डंडा सौंपकर किया आगाह

भिलाई |  भिलाई की गलियों और मोहल्लों में अब असामाजिक तत्वों और नशेडिय़ों की खैर नहीं होगी। सामुदायिक पुलिसिंग को नया आयाम देते हुए पुलिस प्रशासन ने ‘महिला आरक्षक दल’ को मैदान में उतार दिया है। शनिवार को खुर्सीपार में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम में डीआईजी विजय अग्रवाल ने इस विशेष अभियान का औपचारिक शंखनाद किया।

कार्यक्रम के दौरान डीआईजी ने महिला आरक्षक दल की सदस्यों को आधिकारिक बैच, सीटी और पुलिस डंडा सौंपकर उन्हें सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी। अब ये महिलाएं पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर गश्त करेंगी। इनका मुख्य उद्देश्य मोहल्लों में होने वाली छेड़छाड़, नशाखोरी और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखना है।

मुख्य अतिथि डीआईजी विजय अग्रवाल ने कहा कि समाज में बढ़ती बुराइयों पर अंकुश लगाने के लिए केवल पुलिस काफी नहीं है, इसमें मातृशक्ति की भागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि,हर वार्ड में 30 से 35 महिलाओं की सक्रिय टीम काम करेगी।

पुलिस-जनता के बीच सेतु: यह दल आम नागरिकों और खाकी के बीच विश्वास की कड़ी बनेगा।

डीआईजी ने जोर देकर कहा कि जब मोहल्ले की महिलाएं खुद संगठित होकर सड़कों पर उतरेंगी, तो अपराधियों और नशेडिय़ों पर स्वतः ही मनोवैज्ञानिक दबाव बनेगा। इस पहल से न केवल अपराधों में कमी आएगी, बल्कि महिलाएं खुद को पहले से अधिक सुरक्षित और सशक्त महसूस करेंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *