नई दिल्ली : बजट सत्र के पहले चरण के समापन के बाद प्रधानमंत्री Narendra Modi ने एक निजी समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में देश की अर्थव्यवस्था, सुधारों की दिशा और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सरकार ने बीते वर्षों में नीतिगत सुधारों को केवल घोषणा तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर पर लागू कर परिणाम भी दिखाए हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि सुधारों की रफ्तार को लेकर वे पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं और इसे और तेज करने की आवश्यकता है।
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में निजी क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, अब समय आ गया है कि उद्योग जगत अल्पकालिक लाभ से आगे बढ़कर दीर्घकालिक निवेश, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर ध्यान केंद्रित करे। उन्होंने कंपनियों से अनुसंधान एवं विकास, मजबूत सप्लाई चेन और उत्पाद गुणवत्ता में निवेश बढ़ाने का आह्वान किया।
कॉर्पोरेट जगत को संदेश देते हुए पीएम ने यह भी कहा कि जब कंपनियों का मुनाफा और उत्पादकता बढ़ती है, तो उसका लाभ कर्मचारियों तक भी पहुंचना चाहिए। उन्होंने श्रमिकों के साथ लाभ साझा करने की संस्कृति को मजबूत बनाने पर जोर दिया, ताकि समावेशी विकास सुनिश्चित हो सके।
तकनीकी क्षेत्र पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार को भविष्य की आर्थिक ताकत बताया। उन्होंने कहा कि कंप्यूटिंग क्षमता और डेटा सेंटर नेटवर्क को मजबूत कर भारत एक सशक्त डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र तैयार कर रहा है। इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और भारत वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में अपनी भूमिका और मजबूत करेगा। उन्होंने डिजिटल भुगतान प्रणाली Unified Payments Interface (UPI) का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे नवाचारों ने भारत को तकनीकी क्षेत्र में अग्रणी देशों की श्रेणी में खड़ा किया है।