बिहार चुनाव से पहले सियासी हलचल, महागठबंधन के पोस्टर में सिर्फ तेजस्वी यादव

पटना, बिहार। राज्य की सियासत में गर्माहट तेज हो गई है, क्योंकि महागठबंधन गुरुवार को एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की जोरदार चर्चा है कि इसी मंच से राजद नेता तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया जा सकता है। यह अटकलें तब और मजबूत हुईं जब तेजस्वी यादव, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत और बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु के बीच बुधवार को पटना में लंबी बैठक हुई।

सूत्रों के मुताबिक, कृष्णा अल्लावरु ने बुधवार को राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव से उनके आवास पर मुलाकात की थी। इसके कुछ ही घंटे बाद, मौर्य होटल में आयोजित होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर तैयारियां तेज हो गईं।

इस कार्यक्रम का बैनर भी चर्चा का विषय बना हुआ है — इसमें महागठबंधन के सभी दलों के चुनाव चिन्ह तो मौजूद हैं, लेकिन एक बड़ी तस्वीर सिर्फ तेजस्वी यादव की है, जबकि राहुल गांधी की तस्वीर पूरी तरह गायब है। इसने राजनीतिक हलकों में नए सिरे से हलचल पैदा कर दी है। खास बात यह है कि बैनर पर ‘#बिहार_मांगे_तेजस्वी_सरकार’ स्लोगन प्रमुखता से दिखाया गया है, जिससे यह संकेत मिल रहा है कि तेजस्वी को ही गठबंधन का चेहरा बनाया जा सकता है।

यह प्रेस कॉन्फ्रेंस चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद महागठबंधन की पहली संयुक्त उपस्थिति होगी। इससे पहले, 24 सितंबर को पटना में हुए ‘अति पिछड़ा ईबीसी संकल्प पत्र’ के विमोचन कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी एक मंच पर नजर आए थे।

उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी की हालिया ‘मतदाता अधिकार यात्रा’, जो बिहार के 25 जिलों से गुजरी थी, में महागठबंधन के कई दलों ने साझा भागीदारी की थी। हालांकि कांग्रेस ने अब तक बुधवार की बैठक के परिणामों पर कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन सहयोगी दलों में तेजस्वी के नाम की औपचारिक घोषणा में हो रही देरी को लेकर असंतोष बढ़ने की खबरें हैं।

भाकपा (माले) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने खुलकर कहा कि विपक्ष में तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने की घोषणा में अब और देरी नहीं होनी चाहिए। उनके मुताबिक, “पूरा बिहार जानता है कि अगर विपक्षी गठबंधन को बहुमत मिलता है, तो मुख्यमंत्री तेजस्वी ही होंगे।”

वहीं, अशोक गहलोत ने पत्रकारों से बातचीत में संयमित प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “गुरुवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सारी बातें स्पष्ट हो जाएंगी।” इससे साफ है कि महागठबंधन की इस बैठक से बिहार की राजनीति में बड़ा एलान होने की पूरी संभावना है।

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